
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को व्ही.सी. के माध्यम से बारिश में आकस्मिक स्थिति ने निपटने एवं बचाव के संबंध में समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष में डीआईजी ललित शाक्यवार, कलेक्टर पार्थ जैसवाल, एसपी अगम जैन, जिला पंचायत सीईओ तपस्या परिहार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समन्वय के साथ बाढ़ संवेदनशील क्षेत्रों का पूर्व आंकलन करने, वर्षा और पूर्वानुमान के संबंध में मौसम विभाग की जानकारी देखते रहने, बाढ़ उन्मुख नदियों के लेवल पर निगरानी करने, बांध के गेट खोलने की सूचना पर्याप्त समय पूर्व ही डाउन स्ट्रीम के जिलों को देने के निर्देश दिए। बारिश का पूर्वानुमान देखकर, निचली बस्तियों में रहने वालों को समय से ही सतर्क करने और आवश्यकता अनुसार राहत कैम्प में शिफ्ट करने निर्देश दिए। साथ ही जिन रपटों, पुलियों पर पानी बह रहा है वहाँ तत्काल बैरिकेड लगाकर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि राहत की राशि तत्काल रूप से अधिकतम 15 दिवस में वितरित करें। उन्होंने बाढ़ की पूर्व सूचना एवं प्रचार प्रसार की समुचित व्यवस्था करने और आवश्यक वस्तुओं का भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।







