दिग्विजय सिंह ने सागर के वर्तमान पुलिस अधीक्षक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब मौजूदा एसपी मुरैना में पदस्थ थे, उस दौरान भी जहरीली और अवैध शराब से मौतों के मामले सामने आए थे। अब सागर में भी इसी तरह की घटना सामने आई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है, ताकि यह सामने आ सके कि अवैध शराब का कारोबार किसके संरक्षण में चल रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि जहरीली शराब से लोगों की मौत बेहद गंभीर मामला है। प्रशासन को केवल कार्रवाई का दावा करने के बजाय अवैध शराब के पूरे नेटवर्क तक पहुंचना चाहिए। इस कारोबार से जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
सड़कों के मुद्दे पर भी दी सफाई
छतरपुर में खराब सड़कों को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन और भाजपा विधायक ललिता यादव द्वारा दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्री कार्यकाल में सड़कों की स्थिति का हवाला दिए जाने पर भी उनसे सवाल किया गया। इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान मुख्य रूप से नेशनल हाईवे की स्थिति खराब थी। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार से पर्याप्त फंड नहीं मिलने को वजह बताया।
दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान राज्य और जिला स्तर की सड़कें बेहतर स्थिति में थीं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की जिम्मेदारियों को अलग-अलग देखा जाना चाहिए। दिग्विजय सिंह के बयानों के बाद बंडा जहरीली शराब कांड को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं। मामले में पुलिस-प्रशासन की भूमिका और अवैध शराब के नेटवर्क को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार को घेर रही है।









