
छतरपुर। आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में सीआरसी छतरपुर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन, अभिभावक गण, पुनर्वास कार्यकर्ता तथा विशेषज्ञ उपस्थित रहे जिन्हें सीआरसी छतरपुर के द्वारा सम्मानित किया गया।विदित हो की संयुक्त राष्ट्र द्वारा संपूर्ण विश्व में 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में घोषित किया गया है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्तमान वर्ष का थीम रखा गया था इन्वेस्ट इन वूमेन एक्सीलरेट प्रोग्रेस। प्रधानमंत्री के द्वारा महिलाओं विशेष कर दिव्यांग महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है तथा बहुत सारी योजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है जिसमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सुकन्या समृद्धि योजना मध्य प्रदेश शासन द्वारा इसी दिशा में लाडली बहना जैसी बहुआयामी योजनाओं को धरातल पर क्रियान्वित किया जा रहा है जिसका लाभ आम जनमानस को मिल रहा है।आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तथा छतरपुर की वरिष्ठ शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संगीता चौबे ने अपने उद्बोधन में कहा कि यदि शुरुआती दौर में जन्म के समय माता-पिता ध्यान दें तथा मैटरनिटी होम्स में यदि कुछ सामान्य लक्षणों पर ध्यान दिया जाए तो जन्म के समय में ही दिव्यांगता को रोका जा सकता है। हमारे समाज में महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच का विकास हो रहा है, किंतु अभी और ज्यादा प्रयत्न करने की आवश्यकता है। विशेष कर महिला यदि दिव्यांग हो तो उसे दोहरी दिव्यांगता के रूप में देखा जाता है। भारत सरकार के द्वारा भी उनके सशक्तिकरण के लिए विशेष प्रावधान किया जा रहे हैं।कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथि डॉक्टर प्राची सिंह चंदेल, प्रशासक वन स्टॉप सेंटर, महिला एवं बाल विकास विभाग छतरपुर में अपने उद्बोधन में कहा कि सामाजिक सुरक्षा दिव्यांगजनों के लिए एक बहुत बड़ी समस्या है सरकार उसे पर कार्य कर रही है और यदि इस तरह के मामले किसी भी स्थान पर आता हैतो तत्काल प्रशासन को सूचित करें।प्रशासन का सहयोग हमेशा मिलेगा इसका उन्होंने आश्वासन दिया।महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के सहायक प्राध्यापक डॉ अवंती दीक्षित ने बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन लाने के लिए शिक्षा से बड़ा कोई हथियार नही है। हम फाउंडेशन की प्रांतीय उपाध्यक्ष श्रीमती कोमल टिकरिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न अंग है और हम फाउंडेशन उनके सशक्तिकरण के लिए किसी भी स्तर पर सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहेगा। उन्होंने दिव्यांगजनों के माता-पिता को यह बताया कि ईश्वर ने आपको विशेष कार्य के लिए चुना है। इसके लिए हमें सदैव ईश्वर के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए।सीआरसी छतरपुर के विकासात्मक चिकित्सा प्रीति यादव तथा आकाश साहू विशेष शिक्षक ने इस पूरे कार्यक्रम का समन्वयन किया। नीरज मधुकर सहायक प्राध्यापक छतरपुर में मंच पर उपस्थित सभी अतिथिगण का तथा दिव्यांगजनों एवं अभिभावकों का सीआरसी परिवार की तरफ से अभिनंदन किया जबकि श्रीकांत गुप्ता प्रशासनिक अधिकारी सीआरसी छतरपुर ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के दौरान सविता जैन महिला मोर्चा महामंत्री, अर्चना कठिल, अर्चना गुप्ता, मालती तिवारी एवम सीआरसी के प्रवक्ता डॉ प्रतीक विंदुआ, मुकेश कुमार पटेल, आकांक्षा पटेल, राजबहादुर पटेल, प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र की सहायिका लक्ष्मी रैकवार आदि उपस्थित रहे। सीआरसी के निदेशक डॉ राजमणि पाल ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की तथा समन्वयक को शुभकामनाएं दी।







