वकुशनगर। नगर के एक युवा ने अपने शोध कार्य से न केवल अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, बल्कि बुंदेलखंड की महिलाओं की स्थिति को उजागर कर समाज के लिए नई दिशा दिखाई। उनके इस कार्य ने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया, साथ ही सामाजिक मुद्दों पर शोध की कमी को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया।
उल्लेखनीय है कि छतरपुर जिले की लवकुशनगर तहसील निवासी स्वर्गीय श्याम लाल शर्मा के सुपौत्र शिवम शर्मा (तनु) को इतिहास विषय में शोध कार्य के लिए 10 जून 2025 को बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल से पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। शिवम ने भोपाल के शासकीय हमीदिया महाविद्यालय के इतिहास विभाग की अध्यक्ष प्रो. रचना मिश्रा के मार्गदर्शन में स्वतंत्र भारत में स्त्री – दशा एवं दिशा (बुंदेलखंड के विशेष संदर्भ में) विषय पर अपना शोध पूरा किया। शिवम ने बताया कि बुंदेलखंड में पितृसत्तात्मक विचारधारा का प्रभाव आज भी गहरा है, जिसके कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चियों की स्थिति अन्य क्षेत्रों की तुलना में पिछड़ी है। उन्होंने शोध से पहले पाया कि बुंदेलखंड की महिलाओं के जीवन पर केंद्रित शोध का अभाव है। इस कमी को दूर करने के लिए उन्होंने यह विषय चुना। प्रो. रचना मिश्रा के मार्गदर्शन में उन्होंने सर्वेक्षण के जरिए आंकड़े जुटाए और शोध को मौलिक बनाया। शिवम ने अपनी उपाधि अपने दादाजी को समर्पित की, जो उनके नाम के आगे ‘डॉक्टरÓ जुडऩे की इच्छा रखते थे। उन्होंने ईश्वर, परिवार, गुरुजनों और साथियों का आभार व्यक्त किया। शिवम का यह शोध बुंदेलखंड की महिलाओं और बच्चियों के लिए नई आशा जगाता है, ताकि वे बिना पूर्वाग्रह के अपने सपनों को साकार कर सकें।








