
छतरपुर। शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के अनुसार तैयार करने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के उद्देश्य से महर्षि विद्या मंदिर देरी रोड में सीबीएसई दिल्ली द्वारा एक दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें नई शिक्षा नीति किस प्रकार आने बाली पीढ़ी के लिए विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढऩे के लिए सहायक है के बारे में वृस्त्रित जानकारी एवं प्रशिक्षण दिया गया।
नई शिक्षा नीति के अनुसार कक्षाओं का वर्गीकरण किस प्रकार बच्चों को उत्कृष्टता प्रदान करेगा तथा उच्च कक्षाओं में सामान्य विषयों के अध्ययन के साथ किस प्रकार बच्चे अपने को रोजगार परख विधाओं में अपने आप का निपुण बना सकते हैं के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गयी। नई शिक्षा नीति में 5+3+3+4 की नई शिक्षा संरचना अपनाई गई है, जिसमें प्रारंभिक बाल्यावस्था से लेकर उच्च शिक्षा तक व्यापक सुधार किए गए हैं। यह नीति कौशल विकास, मातृभाषा में शिक्षा, डिजिटल लर्निंग, और शिक्षकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देती है। शिक्षक प्रशिक्षण महर्षि प्राचार्य सी के शर्मा के निर्देशन में ट्रेनिंग कार्यक्रम के संसाधन प्रवक्ता डॉ निकेश शर्मा, वाइस प्रिंसिपल जीडी गोयंका पब्लिक स्कूल ग्वालियर तथा श्रीमति परविन्दर कौर, सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल सागर द्वारा दिया गया। इसमे नई शिक्षा पद्यति एवं क्लास रूम को छात्रों के लिए कैसे रोचक बनाया जाए के संबंध में नई नई गतिविधियों से अवगत कराया गया, जिसमे करीब 56 शिक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण उपरांत शिक्षकों द्वारा छात्रों में लर्निंग प्रॉसेस के विकास में अपनाई जाने वाली विभिन्न नवाचार गतिविधियों को भी प्रस्तुत किया गया। प्रशिक्षण शिविर के निर्देशक महर्षि प्राचार्य सी के शर्मा ने बताया कि नई शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य भारत में अब तक जो शिक्षा प्रदान की जा रही है उसमें क्रांतिकारी बदलाव लाना है, साथ ही भारत की शिक्षा को वैश्विक स्तर पर खड़ा करना तथा ज्ञान के क्षेत्र में भारत को महाशक्ति बनाना है। इनमें शिक्षकों को छात्रों की याददाश्त को बढ़ाने, उनकी विषयो के प्रति समझदारी को विकसित करने एवं उसे दैनिक जीवन से जोडऩे, तथा तार्किक शक्ति को कैसे विकसित किया जाए के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।







