
बुंदेलखंड के महाकुंभ के रूप में आयोजित 8 दिवसीय महामहोत्सव के अंतिम दिन 251 बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा गया। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में आईं महामहिम राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि पूरे बुंदेलखंड और बागेश्वर धाम परिवार की ओर से आप सभी का स्वागत है। बागेश्वर धाम परमार्थ का सबसे बड़ा केन्द्र बनकर सामने आया है। उन्होंने कहा कि जिनका कोई सहारा नहीं होता, उनके लिए बागेश्वर धाम की तिजोरी खुली है। महाराजश्री ने कहा कि समाज के अनाथ वंचित और दीन-हीन वर्गों का सहारा बनकर देखोगे तो उससे बड़े आनंद की अन्य किसी कार्य में अनुभूति नहीं होगी। महाराजश्री ने कहा कि आज बेटियां अंतरिक्ष तक छलांग लगा रही हैं। बड़े दिलवालों के घर भगवान बेटियां पैदा करता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति संकल्प ले कि वे बेटियों के विवाह में अपने योगदान देंगे।







