
251 बेटियों को राष्ट्रपति ने दिया सुखमय जीवन का आशीर्वाद
छतरपुर। सिद्ध क्षेत्र बागेश्वर धाम में बुंदेलखंड षष्ठम् महाकुंभ 251 बेटियों के परिणय सूत्र में बंधने के साथ विराम की ओर चला गया। बुधवार को बेटियों को आशीर्वाद देने देश की राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मु बागेश्वर धाम पधारीं। महामहिम ने बेटियों को आशीर्वाद देते हुए अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि बेटियों को स्वाबलंबी और सशक्त बनाना समाज का दायित्व है। उन्होंने कहा कि संतों ने वाणी से समाज को राह दिखाई है, छुआछूत दूर करने की आज के कार्यक्रम से प्रेरणा मिलती है। बेटियों को उचित सम्मान दिलाने का सभी वर्गों को प्रयास करना चाहिए। बागेश्वर धाम के विवाह महामहोत्सव में साक्षी के रूप में प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अलावा सासंद वीडी शर्मा, गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज, आचार्य बालकृष्ण, सांसद मनोज तिवारी मंचासीन रहे।जानकारी के मुताबिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सुबह करीब साढ़े 11 बजे खजुराहो एयरपोर्ट पहुंची जहां राज्यपाल मंगू भाई पटेल और डॉ. मोहन यादव ने उनकी अगवानी की। राष्ट्रपति के बागेश्वर धाम आने पर सबसे पहले उनके द्वारा मंदिर जाकर बालाजी को प्रणाम किया गया। पूजा-अर्चना के बाद वे आयोजन स्थल पर पहुंची, जहां उन्होंने सामूहिक कन्या विवाह में दुल्हन बनीं 251 बेटियों को आशीर्वाद दिया। मंच पर बागेश्वर महाराज ने तुलसी की माला, हनुमान यंत्र, धाम से जुड़ा साहित्य और बालाजी का विग्रह भेंट कर राष्ट्रपति का स्वागत किया। अपने उद्बोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि वे यह आयोजन देखकर अत्यंत प्रसन्न हैं। हम सबके ऊपर महादेव की कृपा है, तभी यह संभव हो सका है। उन्होंने महाराजश्री को आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए बेटियों को विवाह सूत्र में बांधने तथा उनके सुखमय जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि महिलाएं सबल होंगी तो देश सबल होगा। आयोजन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन से छुआछूत वाली मानसिकता को दूर करने की सीख मिलती है। कार्यक्रम में राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, छतरपुर विधायक ललिता यादव, राजनगर विधायक अरविंद पटैरिया सहित लाखों लोग उपस्थित रहे।खाली हाथ नहीं, उपहार के साथ आईं महामहिम








