
पितृ पक्ष में तर्पण करने पहुंचे लोगों में दिखा आक्रोश
छतरपुर।मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के सभी निकायों को मांस की दुकानें धार्मिक स्थलों, नदी के घाटों और रहवासी इलाकों से दूर स्थापित कराने के निर्देश पूर्व में दिए गए थे लेकिन छतरपुर में सीएम के इन निर्देशों का पालन नहीं हुआ और यहां आज भी पूर्व की भांति मांस-मछली की दुकानें संचालित हो रही हैं। शनिवार को छतरपुर शहर में उस वक्त बवाल की स्थिति निर्मित हो गई जब सिंघाड़ी नदी के एक घाट पर तर्पण करने पहुंचे लोगों को मांस के टुकड़े पड़े मिले। घाट पर मांस के टुकड़े देखकर लोगों में खासी नाराजगी देखने को मिली।उल्लेखनीय है कि इन दिनों पितृ पक्ष चल रहा है, जिसमें सनातन धर्मावलंबी अपने पूर्वजों के लिए नदी और तालाबों के घाटों पर तर्पण करने पहुंचते हैं। शनिवार को रोज की तरह लोग सिंघाड़ी नदी के घाट पर तर्पण करने पहुंचे तो उन्हें घाट के आसपास मांस के टुकड़े पड़े मिले। इस अपवित्र माहौल में लोग घाट पर तर्पण नहीं कर सके जिसके बाद लोगों में आक्रोश फैल गया और लोगों के द्वारा छतरपुर नगरपालिका कार्यशैली पर सवाल खड़े किए गए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही छतरपुर नगर पालिका द्वारा मांस-मछली की दुकानों को व्यवस्थित नहीं कराया गया तो वे स्वयं ही हिंदु संगठनों की मदद से दुकानों को हटाने का कार्य करेंगे। वहीं इस मामले को लेकर जब नगर पालिका के सफाई प्रभारी संजेश नायक से बात की गई तो उन्होंने गैर जिम्मेदाराना जवाब देते हुए कहा कि समस्या का आवेदन नगर पालिका में दीजिए, हम सफाई कराएंगे।








