
समाज में नैतिक एवं मानव मूल्यों को जीवित रखने दूसरी पीढ़ी का जुड़ा रहना आवश्यक: डॉ शुक्ला
छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के अंग्रेजी अध्ययन शाला एवं शोध केन्द्र द्वारा विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो शुभा तिवारी के मार्गदर्शन में छतरपुर शहर के जाने माने शिक्षाविद एवं अंग्रेजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष स्व. डॉ आर के बादल की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन डॉ बादल के परिवार जनों के सौजन्य से किया गया। इस कार्यक्रम में अध्यक्ष के रूप में विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ डीपी शुक्ला एवं मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलसचिव यशवंत सिंह पटेल, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ आर के पांडेय तथा वाणिज्य के वरिष्ठ आचार्य डॉ बी के अग्रवाल उपस्थित रहे। मां सरस्वती के समक्ष माल्यार्पण कर एवं स्व. डॉ बादल के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए सर्वप्रथम अंग्रेजी अध्ययनशाला के अध्यक्ष डॉ बी पी सिंह गौर ने डॉ बादल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए उन्हें वर्तमान परिस्थितियों में अनुकरणीय बताया। तत्पश्चात डॉ अग्रवाल ने डॉ बादल के साथ संजोए हुए असीम लम्हों की यादों को सबके साथ साझा किया। डॉ पाण्डेय ने सारगर्भित शब्दों में डॉ बादल जैसे महान शिक्षाविद का परमात्मा में विलीन हो जाना समूचे समाज के लिए एक अपूर्णीय क्षति बताते हुए अपने अनुभव साझा किए। हिंदी के वरिष्ठ आचार्य डॉ केएल पटेल ने भी डॉ बादल के जीवन के अविस्मरणीय पहलुओं को सबके सामने उद्धृत किया। अंग्रेजी अध्ययनशाला के सहायक आचार्य डॉ केबी अहिरवार एवं डॉ कमलेश चौरसिया ने भी अपने विचार एवं अनुभव साझा किए।
इस प्रतिभा सम्मान समारोह के अवसर पर अंग्रेजी अध्ययनशाला की सत्र 2022-23 स्नातकोत्तर बैच की होनहार छात्रा सुश्री कौमुदी चौरसिया को सम्मानित किया गया। सुश्री चौरसिया के द्वारा स्नातकोत्तर करने के तुरंत बाद ही यू जी सी द्वारा आयोजित की जाने वाली नेट परीक्षा क्वालीफाई किया है। विश्वविद्यालय की कुलगुरू प्रो शुभा तिवारी एवं समस्त विश्वविद्यालय परिवार की ओर से सभी ने उनको हार्दिक बधाई प्रेषित की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ डीपी शुक्ला ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह विभिन्न पीढिय़ों को आपस में जोडऩे के लिए कड़ी का काम करते हैं और एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक मानव एवं नैतिक मूल्यों के सजीव हस्तांतरण में अपना योगदान देते हैं। इस प्रकार के सम्मान समारोह से विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतियोगिता का वातावरण निर्मित होता है जिससे वे कड़ा परिश्रम करके पुरस्कार प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।
इस अवसर पर अंग्रेजी अध्ययन शाला के अलावा विश्वविद्यालय की विभिन्न अध्ययनशालाओं के आचार्य, सह आचार्य, सहायक आचार्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के अलावा गैर शैक्षणिक सवर्ग से अधिकारी वा कर्मचारी मौजूद रहे। स्व. डॉ बादल के सुपुत्र नीरज बादल, पुत्रवधु डॉ अंजनी बादल एवम बांधव आर पी शर्मा की गरिमामय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के संचालन का दायित्व डॉ अंजनी बादल एवं अध्ययनशाला के सहायक आचार्य डॉ आरडी अहिरवार ने सफलतापूर्वक निर्वहन किया।







