
मरीजों में महिलाओं की संख्या अधिक, सतर्क रहने की है आवश्यकता1
छतरपुर। कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसका नाम सुनते ही हमारे रोंगटे खड़े हो जाते हैं और यही बीमारी आजकल जिले में तेजी से पैर पसार रही है। दरअसल जिले में हर माह लगभग एक दर्जन कैंसर के मरीज सामने आ रहे हैं जो कि बेहद चिंताजनक है। इन कैंसर रोगियों में महिलाओं की संख्या अधिक है। वर्तमान में छतरपुर जिले में कैंसर के कुल 1500 एक्टिव मरीज हैं, जिनमें से 900 महिलाएं हैं। ऐसे में लोगो को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
जिला अस्पताल में ब्लड बैंक और पैथालॉजी प्रभारी के पद पर पदस्थ डॉ. श्वेता गर्ग ने बताया कि वह जिला अस्पताल की कैंसर नोडल अधिकारी भी हैं। उन्होंने कहा कि कैंसर के मरीज पहले भी होते थे, लेकिन तब डायग्नोसिस के अभाव में मरीज सामने नहीं आते थे। चूंकि अभी डायग्नोसिस आसानी से होने लगा है तो मरीज भी सामने आने लगे हैं। डॉ. श्वेता गर्ग के मुताबिक पद पर आने के बाद वे स्वयं डेढ़ से दो हजार मरीजों का डायग्नोसिस कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि यदि समय रहते कैंसर का पता चल जाए और उचित इलाज हो जाए तो इसके दुष्परिणाम से बचा जा सकता है। कैंसर और इसकी स्टेज का पता लगाना पूरी तरह से डायग्नोसिस पर निर्भर होता है। डॉक्टर गर्ग बताती हैं कि हमारे शरीर में सौ से अधिक प्रकार का कैंसर हो सकता है और महिलाओं में कैंसर होने की आशंका अधिक होती है। वर्तमान आंकड़े भी देंखें तो जिले के 1500 एक्टिव केस में से 900 महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि कैंसर सिर्फ महिला या पुरुषों को होता है, यह बच्चों को भी हो सकता है, जिसमें हम चाइल्डहुड कैंसर कहते हैं। अपना अनुभव साझा करते हुए डॉ. गर्ग ने बताया कि वे अपने कार्यकाल में 2 साल के बच्चे को भी कैंसर से ग्रस्त देख चुकी हैं। उस बच्चे को सॉफ्ट टिशु सार्कोमा नाम का कैंसर था। उन्होंने कहा कि ऐसे में हमें सतर्क रहने की आवश्यकता है, जरा सी लापरवाही हमें भारी पड़ सकती है। उन्होंने शरीर के किसी भी अंग में अकारण दर्द, गांठ, सूजन आदि होने पर हमें तत्काल डायग्नोसिस और एफएनएसी जांच कराना चाहिए ताकि समय पर बीमारी का पता चल सके और इसका उपचार कराकर इसके दुष्परिणामों से बचा जा सके।







