
कलश यात्रा के साथ हुआ कथा का शुभारंभ
छतरपुर। कक्षा 8वीं की छात्रा और महज 11 साल की उम्र यही परिचय है नन्हीं कथाव्यास रिद्धेश्वरी देवी का। रिद्धेश्वरी देवी सोमवार से छतरपुर में आयोजित हो रही श्रीमद् भागवत कथा की व्यास गद्दी पर बैठकर श्रोताओं को भगवत कथा का रसपान कराएंगी। पन्ना रोड पर एमपीईबी कार्यालय के पास स्थित हनुमान मंदिर में समाजसेवी सीता देवी-नंदकिशोर शुक्ला के द्वारा सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ सोमवार की शाम को विशाल कलश यात्रा के साथ हुआ। आयोजन की खास बात यह है कि कथा का वाचन बाल व्यास सुश्री रिद्धेश्वरी देवी के द्वारा किया जाना है, भक्तगण उनके मुखारविंद से कथा का रसपान करेंगे।दोपहर करीब साढ़े 3 बजे नरसिंह मंदिर से कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ जो छत्रसाल चौक होते हुए कार्यक्रम स्थल पहुंची। कलश यात्रा में ढोल-नगाड़े और डीजे पर बज रहे धार्मिक गीतों की धुन पर युवा नाचते हुए निकले, वहीं मातृशक्ति पीताम्बर वस्त्रों को धारण कर सिर पर कलश रखकर उनके पीछे चल रहीं थीं। 20 मई को पूर्णाहूति और भंडारे के साथ आयोजन संपन्न होगा। आयोजन समिति के ज्योति-प्रकाश शुक्ला ने समस्त धर्मप्रेमियों से आयोजन में शामिल होने की अपील की है।बच्चों में भक्ति और धर्म के संस्कार आवश्यकनोट: इस समाचार के साथ फोटो 19 लगाएं।कथा के पूर्व मीडिया से संक्षिप्त चर्चा करते हुए 11 वर्षीय कथाव्यास रिद्धेश्वरी देवी ने बताया कि वे पिछले 2 वर्षों से श्रीमद् भागवत कथा कर रही हैं। उन्होंने वृंदावन से कथा वाचन का अध्ययन किया है। शहर के जाने-माने शिक्षाविद् ज्योति प्रकाश शुक्ला की पुत्री रिद्धेश्वरी शुक्ला ने कहा कि बच्चों में भक्ति और धर्म के संस्कार रोपित करना हर माता-पिता की जिम्मेदारी है। यदि माता-पिता ऐसा करें तो हम एक अच्छे परिवार और समाज का निर्माण कर पाएंगे।








