Home छतरपुर 300 बिस्तरों के अस्पताल में 618 मरीज भर्ती

300 बिस्तरों के अस्पताल में 618 मरीज भर्ती

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 मानव अधिकार आयोग के विशेष निरीक्षक को मिली अस्पताल में खामियां
छतरपुर। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की ओर से विशेष निरीक्षक के तौर पर बालकिशन गोयल को प्रदेश के दौरे पर भेजा गया है। अपने 6 दिवसीय दौरे के दौरान श्री गोयल ने जिले में एक आंगनबाड़ी का निरीक्षण करते हुए अपना दौरा शुरू किया। उन्होंने जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं देखीं। 300 बिस्तरों के अस्पताल में 618 लोग भर्ती हैं। जिला अस्पताल में चारों तरफ अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। उन्होंने सिविल सर्जन को कुछ बिन्दुओं के लिए निर्देशित किया है और शेष अव्यवस्थाएं अपनी टीप लगाकर आयोग के अध्यक्ष को भेजने की बात कही है।
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के विशेष निरीक्षक श्री गोयल 6 दिवसीय मप्र के दौरे पर आए हैं। उन्होंने सीधी, रीवा, मैहर का भ्रमण करते हुए जिले की व्यवस्थाएं देखनी शुरू की। राजनगर क्षेत्र के गंज में उन्होंने एक आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण किया। इसके बाद वे जिला मुख्यालय आए और जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। अस्पताल में समस्याओं का अंबार है। चूंकि 300 बिस्तरों का अस्पताल है और मरीज भी दोगुने से भी ज्यादा हैं इसलिए जहां जगह मिली वहीं मरीज और उनके परिजन अड्डा जमाए हैं। बच्चा वार्ड में भी अव्यवस्थाएं दिखीं। विशेष निरीक्षक ने गंदगी देखकर नाराजगी जताई और सिविल सर्जन को इस ओर ध्यान देने के लिए कहा। हर जगह लोगों ने गुटखा, पान खाकर थूक दिया है, लिफ्ट में भी कई जगह गंदगी है। यदि यह कहा जाए कि अस्पताल स्वयं बीमार है तो अतिश्योक्ति न होगी।
एक्सपायर डेट का मिला दूध का पैकेट
मानव अधिकार आयोग के विशेष निरीक्षक ने निरीक्षण के दौरान रसोई का भी हाल जाना। रसोई में एक्सपायर डेट का दूध का पैकेट मिला है। उन्होंने सिविल सर्जन से तुरंत नोटिस जारी  करने के लिए कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि खान-पान में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें इसके अलावा सामग्री का इस्तेमाल करने से पहले उसकी एक्सपायर डेट अवश्य देख लें। सेहत से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
सभी कर्मचारियों को परिचय पत्र बांटें
निरीक्षण में देखने को मिला कि जिला अस्पताल में कार्य कर रहे कर्मचारी बिना परिचय पत्र के हैं। ऐसी स्थिति में यह ज्ञात नहीं हो पाता कि कौन सा व्यक्ति जिला अस्पताल में काम कर रहा है और कौन अव्यवस्था फैला रहा है। कार्य के दौरान यदि कोई गड़बड़ी होती है तो उसका परिचय पत्र देखकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ शिकायत की जा सकती है। इसलिए संस्थान में काम करने वाले कर्मचारियों के पास परिचय पत्र अवश्य होना चाहिए। जिला अस्पताल में मरीजों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं। पानी की समस्या को देखते हुए श्री गोयल ने सिविल सर्जन से कहा कि वे लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्थाएं करें।

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