
मूलभुत सुविधाएं नहीं, स्कूल दूर होने से प्रभावित होगी बच्चों की शिक्षा
छतरपुर। शहर के सर्किट हाउस मार्ग पर झोपड़ी बनाकर रहने वाले आदिवासी परिवारों को जिला प्रशासन ने सौंरा रोड पर फोरलेन के पास स्थान देकर वहां रहने के लिए निर्देशित किया है। जो नया स्थान इन परिवारों को दिया गया है वहां मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण परिवार वहां रहने में झिझक रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें स्थान बदलने में कोई आपत्ति नहीं है लेकिन जो स्थान उन्हें दिया गया है वह जंगल एरिया है, जिस कारण से वहां रहने में उन्हें परेशानी होगी।दरअसल सर्किट हाउस में आए दिन जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों का आना-जाना होता है और जिस कारण से इस मार्ग पर रहने वाले आदिवासी परिवारों को अन्य स्थान पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। यहां रहने वाले परिवारों ने बताया कि वे मजदूरी कर अपने परिवारों का भरण-पोषण करते हैं और पास के स्कूल में उनके बच्चे पढ़ते हैं। जो नया स्थान जिला प्रशासन ने उन्हें दिया है, वहां बिजली, पानी की सुविधा नहीं है इसके साथ ही स्कूल भी वहां से काफी दूर है जिस कारण से उनके बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी। परिवारों का कहना है कि यदि प्रशासन उनका स्थान बदलने से पहले सुविधाएं मुहैया करा देता तो उन्हें स्थान बदलने में परेशानी नहीं होती किंतु उन्हें सीधे तौर पर जंगल में रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि फिर भी यह परिवार विरोध नहीं कर रहे हैं और इसे अपनी किस्मत मानकर दिए गए स्थान पर रहने के लिए जा रहे हैं। इन परिवारों को जिला प्रशासन द्वारा नए स्थान पर पट्टा दिलाने का भरोसा भी दिया गया है।








