
रंग, अबीर, मुखौटों और लुभावनी पिचकारियों की भरमार
छतरपुर। रंगों के पर्व होली को लेकर शहर के बाजार सज गए हैं और बाजारों में रौनक बढ़ गई है। होली खेलने के शौकीन लोगों को बाजार में सजी दुकानें अपनी ओर आकर्षित करने का काम कर रही हैं। हालांकि बाजार में अभी भीड़ नहीं उमड़ रही है लेकिन सामान्य खरीददारी का दौर जारी है। बाजार में हर्बल रंग, कई प्रकार की महकदार गुलाल, खाद्य पदार्थ, पिचकारी आदि की दुकानें सज गई हैं। मोदी नकाब से लेकर नकली बाल तक बाजार में उपलब्ध है। चौक चौराहों पर अस्थाई दुकान सजी हुई हैं, जिन पर बच्चों के लिए बिल्ली, चूहा, डॉग, शेर, भालू, बाघ आदि के मुखौटे उपलब्ध हैं। कुछ डरावने मुखौटे बच्चों के लिए आकर्षण बने हुए हैं। होली सामग्री के थोक विक्रेताओं से लेकर छोटे व्यापारियों में उत्साह देखने को मिल रहा है। दुकानदार आशीष गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष बाजार में हर्बल रंगों की मांग अधिक है, इसलिए ज्यादातर दुकानों पर प्राकृतिक रंग मंगवाए गए हैं। पिचकारियों के साथ रंग, अबीर और गुलाब की बिक्री शुरू हो गई है। बाजार में जहां हर्बल रंग 10 रुपए से लेकर 50 रुपए तक डब्बे में उपलब्ध है। वहीं अबीर गुलाल के पैकेट मात्रा के हिसाब से 10 से लेकर 50 रुपए में बेचे जा रहे हैं। बाजार में 50 से लेकर 500 रुपए तक के पिचकारी उपलब्ध हैं। इस वर्ष बाजार से चाइनीज सामग्री पुरी तरह से गायब है, सभी दुकानों पर देशी सामग्री का विक्रय हो रहा है। इसी तरह एक अन्य दुकानदार ने बताया कि बाजार तो सजकर तैयार हो चुका है लेकिन अभी तक ग्राहकों का आना शुरु नहीं हुआ है, आर्थात मंदी का माहौल है। उन्होंने बताया कि मंदी का एक कारण अप्रैल माह में भी स्कूलों का लगना है।







