छतरपुर। बागेश्वर धाम में चल रहे गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अंतर्गत श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के दूसरे दिन बागेश्वर महाराज ने कहा कि भगवान को भक्ति से ही वश में किया जा सकता है। भगवान स्वयं कहते हैं कि भक्त में ही मेरा मन चुराने की सामथ्र्य है। भगवान धन से नहीं मन से रीझते हैं। इस महोत्सव में देश ही नहीं बल्कि देश के बाहर से भी धर्म प्रेमी बागेश्वर धाम में अपनी हाजिरी लगाने आ रहे हैं।
बागेश्वर महाराज ने श्रीमद् भागवत महापुराण के प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जगत को नहीं, जगदीश को अपने चित्त में बसाने से ही कल्याण होता है। महाराज श्री ने कहा कि यदि भक्त ने अपने मन को भगवान के चरणों में समर्पित कर दिया तो भगवान भक्ति के लिए समर्पित होते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य से भूल और पाप होना स्वाभाविक है लेकिन सच्चे मन से भगवान के नाम का स्मरण करने से पापों का नाश होता है। उन्होंने यह भी कहा कि जो अपने गुरु के चरणों के भरोसे रहता है, उसका कभी अनर्थ नहीं होता। इस कथा की यजमान के रूप में अप्रवासी भारतीय अमेरिकी निवासी ओम प्रकाश शर्मा सपत्नीक कथा श्रवण कर रहे हैं। धाम में अमेरिका से आई एक महिला श्रद्धालु पूनम ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने पहले केवल टीवी और सोशल मीडिया की रीलों में ही महाराज श्री के दर्शन किए थे। जब पहली बार प्रत्यक्ष दर्शन का अवसर मिला तो वे भावविभोर होकर नि:शब्द हो गईं। अमेरिका के कैलिफोर्निया में डॉक्टर का दायित्व निभा रही कशिश ने कहा कि बागेश्वर धाम की ऊर्जा अत्यंत सकारात्मक है। यहां आकर मन को अद्भुत शांति और आध्यात्मिक अनुभूति हुई। बागेश्वर धाम में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन, कथा और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
राजस्थानी गायक ने सजाई भजनों की महफिल
राजस्थान से आए लेहरु दास वैष्णव ने भजनों से उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। उन्होंने न केवल राजस्थानी भजन सुनाए बल्कि अन्य भजन भी सुनाए। कथा श्रवण करने आए लोग भजनों को सुनकर मंत्र मुग्ध हो गए। श्रीमद् भागवत महापुराण सुनने के लिए बैठे हजारों श्रद्धालु भजन सुनकर झूमते नजर आए।
महिलाओं को सनातन से जोड़कर विचार परिवर्तन में लगी सीमा बहिन
जबलपुर शिष्य मंडल की सक्रिय सदस्य सीमा तिवारी महिलाओं को सनातन से जोड़कर उनके विचारों में परिवर्तन करने में लगी है। तीन बसों में भरकर जबलपुर से महिलाओं को लेकर आई सीमा तिवारी ने सबको बालाजी के दर्शन करा कर गुरु जी से भेंट कराई। महाराज श्री ने महो









