
बक्स्वाहा। बकस्वाहा में चल रही श्री मद्भागवत का समापन बड़े धूमधाम से हुआ जिसमें वृन्दावन धाम से पधारे श्री प्रेमनिधि महाराज ने कथा के विश्राम दिवस पर सुदामा चरित्र की कथा सुनाई एवं महाराज जी ने कथा में सवरी माता की कथा का उदाहरण देकर भक्तो को बताया कि हमारे सनातन घर मे कभी भी जातिवाद नही रहा। महाराज जी ने बताया कि सबरी मा के झूठे बेर भगवान श्री राम ने बड़े प्रेम से खाये महाराज जी ने कथा में कहा कि आज कल लोग हिन्दुओ को तोडऩे के लिए जातिवाद का सहारा लेकर हमारे दलित भाइयो को हमसे दूर कर रहे है जबकि हमारे शास्त्रों में हर किसी को समान भाव से भक्ति का संदेश दिया गया है। हम सभी को भगवान श्री राम के पद चिन्हों पर चलना चाहिए और जो हम हिन्दुओ को जातिवाद के नाम पर लड़ाते है उन्हें बताना चाहिए कि हमारे धर्म मे भगवान श्री राम ने सबरी के झूठे वेर भी खाए है अगर हमारे धर्म मे जातिवाद होता तो भगवान क्या सबरी के यहां वेर खाते। महाराज जी ने समूचे सनातनियो को एक होने का संदेश दिया और कहा हमे हमारे समाज से जाती वाद को पूर्ण रूप से समाप्त करना है महाराज श्री का यही उद्देश्य है कि सभी हिन्दू एक हो।







