
छतरपुर। सहस्र पूर्णिमा महोत्सव अंतर्गत 1नवंबर 2024 से 1नवंबर 2025 तक बलभद्र पुस्तकालय की स्थापना के 80वें वर्ष में होने वाले निरंतर कार्यक्रमों की श्रृंखला में यह आयोजन संपन्न हुआ। नगर पालिका परिषद नौगांव के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व उपाध्यक्ष एवं पूर्व पार्षदों सहित वर्तमान परिषद के सभी 20 पार्षद और परिषद में अभी तक के सभी विधायक व सांसद प्रतिनिधि इस सम्मेलन में आमंत्रित किए गए। वर्तमान में गठित नगर पालिका परिषद के 20 में से 9 पार्षदों के परिवार से 15 पूर्व पार्षद, उपाध्यक्ष व अध्यक्ष भी इस सम्मेलन में आमंत्रित हुए। इस दृष्टि से यह नगर नौगांव का अनूठा प्रयोग किया गया।कार्यक्रम के प्रारंभ में बलभद्र पुस्तकालय के संचालक गुड्डन पाठक (पुष्पेंद्र नाथ) ने 1938 से सार्वजनिक पुस्तकालय के रूप में प्रारंभ हुई इस संस्था और 1945 में हुई विधिवत स्थापना के बाद 1957 में बलभद्र पुस्तकालय के रूप में नए भवन में आने तक की विकास गाथा का उल्लेख किया। नगर पालिका परिषद के पूर्व पार्षदों व वर्तमान परिषद का आव्हान किया कि, सभी जन प्रतिनिधि अपने अपने कालखंड में नगर विकास के प्रति जवाबदेह रहे हैं, इसलिए आप सभी का नगर विकास के क्रम में पुस्तकालय की उत्तरोत्तर उन्नति में सहयोग करना अपेक्षित है।पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अभिलाषा शिवहरे ने बलभद्र पुस्तकालय में प्रारंभ किए गए सावित्री कक्ष के रूप में दी गई, महिलाओं के लिए सुविधाओं की प्रशंसा की। पूर्व पार्षद अरविंद यादव ने बलभद्र पुस्तकालय के स्वामित्व की समस्त भूमि और भवन पर हुए अतिक्रमण आदि को मुक्त करने के लिए पूरी परिषद की ओर से आश्वस्त किया। नगर पालिका, नौगांव के पूर्व अध्यक्ष अशोक साहू ने 1980 के दशक से बलभद्र पुस्तकालय में अपने बिताए गए समय के अनुभव को सभी के संग साझा किया।कार्यक्रम के समापन के उपरांत सभी आगंतुकों ने बलभद्र पुस्तकालय के पूरे भवन का अवलोकन किया एवं उसके बाद जलपान करते हुए नगर के विकास में सामाजिक योगदान की चर्चा की और शादी विवाह के इस व्यस्त माहौल के बाद एक बार फिर इस तरह का सम्मेलन करने की सहमति के साथ सब ने विदा ली।







