
स्मृति पार्क बना नशाखोरों का अड्डा
छतरपुर। शहर में हनुमान टौरिया के पीछे हुडको से वित्तीय सहायता प्राप्त लगभग सवा करोड़ रूपए की लागत से निर्मित एक बाल उद्यान तकरीबन पांच वर्ष पूर्व नगर पालिका छतरपुर ने बनाया था। इस पार्क में बच्चों के मनोरंजन के लिए कुछ नहीं था और आज भी नहीं है। इस पार्क में समय-समय पर वृक्षारोपण कार्यक्रम होते रहते हैं लेकिन पानी, माली, विद्युत व्यवस्था न होने के कारण यह पार्क नशाखोरों की मनपसंद जगह बना हुआ है। हालांकि अब इस पार्क को विगत वर्ष सितम्बर माह में नगर पालिका ने मशहूर लोकगीत सम्राट पं. देशराज पटैरिया स्मृति पार्क के नाम से पुन: लोकार्पित कर दिया है। नवीन लोकार्पण के एक वर्ष बाद भी इस पार्क की दयनीय हालत लगभग जस की तस है। स्थानीय लोग अपने स्तर से इसे विकसित करने का प्रयास जारी रखे हुए हैं जबकि नगर पालिका लोकार्पण की चमचमाती नाम पट्टिका लगाने के बाद इसे विस्मृत ही किए हुए है। हाल ही में यह पार्क नशाखोरों की बढ़ती जमावट को लेकर सुर्खियों में है। एसपी अगम जैन का सार्वजनिक स्थलों पर नशा नियंत्रण करने का आदेश पार्क सहित शहर की कालोनियों की तमाम सार्वजनिक एकांत जगहों पर नशा करते बच्चों और युवाओं की बढ़ती भीड़ के रूप में न मानते हुए देखा जा सकता है।पानी, लाइट, माली की पार्क में व्यवस्था नहींस्थानीय रहवासी व पं. देशराज पटैरिया के सुपुत्र विनय पटैरिया ने बताया कि पार्क में पानी, लाइट व माली की व्यवस्था नहीं है जबकि पार्क के बगल में ही हनुमान टौरिया पर पानी की बड़ी टंकी है जिससे जोडऩे के लिए विगत जुलाई माह में तत्कालीन कलेक्टर संदीप जीआर से वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान लोगों ने अनुरोध किया था, साथ ही विद्युत व्यवस्था कराने की मांग की थी। क्योंकि अंधेरे में यहां नशाखोरों का अड्डा बनता जा रहा है जिससे आए दिन वारदातें भी होती रहती हैं।छोटे बच्चों सहित युवाओं के लिए नशे का अड्डा बना पार्कइस पार्क में लगभग दिनभर नशेबाजों को देखा जा सकता है। छोटे बच्चों सहित युवा एवं अन्य नशेलचियों का यहां जमावड़ा रहता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि 10-12 साल के बच्चे भी यहां बैठकर दिन में ही हुक्का,गांजा पीते रहते हैं। कई बार पुलिस को इस संबंध में सूचित किया गया लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इस इलाके सहित आसपास की कालोनियों में बढ़ रही छुटपुट चोरियों को इन्हीं नशाखोरों द्वारा अंजाम दिए जाने की चर्चा सामने आ रहीं हैं। इन क्षेत्रों में नशा कारोबार में जुटे लोगों की धरपकड़ भी करने की आवश्यकता है।स्मृति पार्क की नपा को हुई विस्मृतिइस पार्क में नगर पालिका द्वारा विकसित कराने का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय नागरिक मणिराज सिंह बुन्देला ने बताया कि पार्क को विकसित कराने के लिए नगर पालिका से कई बार आग्रह किया गया लेकिन अभी इस पर काम शुरू नहीं हुआ है। हालत यह है कि निर्माण के समय बनाया गया मूर्ति फब्बारा आज तक शुरू भी नहीं हो सका है। पार्क में बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले, फिसलपट्टी सहित अन्य मनोरंजन साधनों की व्यवस्था नहीं है। बड़ी मात्रा में कुर्सियां डली हैं लेकिन वह भी क्षतिग्रस्त होने लगी हैं। देखरेख की भी कोई व्यवस्था नगर पालिका द्वारा यहां नहीं की जा रही है।








