
3 जुलाई तक चलेगी प्रक्रिया, छात्राओं को अतिथियों से मिला मार्गदर्शन
छतरपुर। शहर के शासकीय कन्या पीजी महाविद्यालय छतरपुर में 1 जुलाई से प्रवेश प्रक्रिया की शुरुआत दीक्षारंभ, प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के साथ हो गई है, जो कि 3 जून तक चलेगी। सुबह 9 बजे से शुरु हुए कार्यक्रम के दौरान सत्र 2024-25 के नव प्रवे?शित छात्राओं के रजिस्ट्रेशन किए गए। वहीं 10 बजे महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ सीएम शुक्ला के मुख्य अतिथ्य और जनभागीदारी समिति अध्यक्ष कमलकांत बॉबी असाटी तथा संस्था प्राचार्य डॉ. पीके दीक्षित की उपस्थिति में आधिकारिक रूप से कार्यक्रम की शुरुआत की गई।कार्यक्रम में महाविद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, प्राचार्य डॉ. पीके दीक्षित ने स्वागत भाषण दिया और जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष कमलकांत बॉबी असाटी ने छात्राओं की शिक्षा के लिए महाविद्यालय एवं जनभागीदारी समिति द्वारा दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करने की बात कही। श्री असाटी ने कहा कि छात्राओं के हित में हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने शिक्षा के मूल उद्देश्य को बताते हुए मातृ शक्ति एवं महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया। दीक्षारंभ उत्सव में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को उनके द्वारा शुभकामनाएं दी गईं। मुख्य अतिथि डॉ. सीएम शुक्ल ने शारीरिक स्वास्थ्य, मोबाइल से दूरी, मन की एकाग्रता, शुद्ध बुद्धि, भारतीय ज्ञान परम्परा, संस्कारों, उपनिषद, आर्यभट्ट, वराहमिहिर, चंदेल शासकों, पंचतंत्र, कौटिल्य, छात्राओं के कौशल विकास, आत्म निर्भरता, शिक्षा के महत्व, संगत का प्रभाव, अच्छे और बुरे कार्य, माता-पिता आदि विषयों पर उद्बोधन दिया और गलत कार्यों से दूर रहकर कैरियर पर ध्यान देने के लिए छात्राओं को प्रोत्सहित किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के परिचय एवं महाविद्यालय के मुख्य परिचय के प्रदर्शन को लेकर एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। तत्पश्चात सभी ने महाविद्यालय परिसर में पौधरोपण किया। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में डॉ शिवेंद्र सिंह, डॉ किशोरी सोनी, डॉ नीरज निरंजन, डॉ सौरभ एवं डॉ शशिकांत अवस्थी द्वारा वक्तव्य दिए गए, जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, वोकेशनल पेपर, क्रेडिट सिस्टम, परीक्षा सिस्टम, फल प्रोजेक्ट इत्यादि विषय शामिल रहे। इस मौके पर डॉ शुभा मिश्रा, डॉ कनुप्रिया चौबे, डॉ पूर्णिमा रावत, डॉ राकेश अहिरवार, डॉ देवकरण मालवीय, वीरेंद्र सोनी, डॉ राजश्री सिसोदिया, श्याम शरण आदि उपस्थित रहे।








