
वर्षों बाद फरवरी में लगातार मौसम में हो रहा बदलाव
छतरपुर। जिस तरह से मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा है उससे सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को हो रही है। क्योंकि इस समय रबी की फसल खेतों में खड़ी है, कुछ फसलें पक चुकी हैं और कुछ पकने की स्थिति में हैं। ऐसी स्थिति में यदि आसमानी आफत आती है तो उसका खामियाजा किसान को भुगतना पड़ेगा। यह बात अलग है कि किसान की फसल प्रभावित होने से इसका असर अन्य क्षेत्रों में भी देखने को मिलेगा। बुधवार तक मौसम के साफ होने के संकेत मिल रहे हैं।खजुराहो स्थित मौसम विभाग में पदस्थ आरएस परिहार ने बताया कि पूर्वी और उत्तरी हवाओं के कारण मौसम में परिवर्तन हुआ है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को हल्की बारिश एवं कहीं-कहीं ओले गिरने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण फिर से पूर्वी मप्र और बुन्देलखण्ड के क्षेत्र में मौसम में बदलाव हुआ है। आमतौर पर फरवरी में पाकिस्तान और ईरान के क्षेत्र में इस तरह का मौसम रहता था। हवा के रूख की वजह से कई वर्षों बाद फरवरी में बादल और बारिश का दौर चल रहा है। एक सप्ताह पहले हरपालपुर क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई थी तथा करीब एक पखवाड़ा पहले राजनगर और चंदला क्षेत्र में बारिश के साथ ओले गिरे थे। आसमान में जैसे ही बादल दिखाई देते हैं वैसे ही किसान के माथे में चिंता की लकीरें दिखने लगती हैं। क्योंकि दिन-रात मेहनत कर किसान फसल तैयार करते हैं मगर मौसम का साथ न मिलने से उन्हें विपत्तियों से जूझना पड़ता है। किसानों ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि इस मौसम को बिना नुकसान किए यहां से निकाल दो।








