Home छतरपुर 17 करोड़ का प्रोजेक्ट कांटेक्ट वेसिक वेतन भोगियों के भरोसे

17 करोड़ का प्रोजेक्ट कांटेक्ट वेसिक वेतन भोगियों के भरोसे

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खजुराहो के आदिवर्त सांस्कृतिक गांव के निर्माण का मामला
खजुराहो। विश्व पर्यटन नगरी खजुराहो में पर्यटन बढ़ाने केन्द्र और राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही हैं, जिसके लिए पर्यटन से जुड़े कई विभागों द्वारा बड़े बड़े बजट के प्रोजेक्ट बनाकर उन पर काम शुरू किया गया है। खजुराहो स्थित मध्यप्रदेश जनजातीय एवं लोककला राज्य संग्रहालय परिसर में 10 करोड़ रुपए की लागत से जनजातीय सांस्कृतिक गांव का निर्माण कार्य पिछले दो वर्षों में पूरा किया गया जिसमें 7 जनजातीय घर, चिनारी शॉप, केंटीन, पुराने भवन में साजसज्जा का काम पूरा किया जा चुका है। अब इसके दूसरे फेश पर भी 7 करोड़ रुपए की राशि से 5 जनपदी घर निर्माण काम चल रहा है, जिसमें बुंदेलखंड, बघेलखण्ड, मालवा, चंबल तथा निमाण शामिल हैं। उक्त प्रोजेक्ट निर्माण में विभाग का एक भी नियमित अधिकारी/कर्मचारी खजुराहो में पदस्थ नहीं है, जो खजुराहो में रहकर उक्त निर्माण कार्य की गुणवत्ता जिम्मेदारी से देखे। बल्कि भोपाल से जनजातीय लोक कला एवं विकास अकादमी संस्कृति परिषद से संग्रहाध्यक्ष अशोक मिश्र ने खजुराहो का अधिकृत प्रभार अपने पास रख रखा है। ऐसा नहीं है कि आदिवर्त संग्रहालय खजुराहो में कोई नियमित कर्मचारी नहीं था, एक कर्मचारी लच्छीराम प्रजापति खजुराहो में नियुक्त थे। भास्कर पारके के मुताबिक़ उनका ट्रांसफर करवा दिया गया। वर्तमान में खजुराहो के प्रोजेक्ट निर्माण के कर्ताधर्ता भास्कर पारके के अनुसार विभाग में कोई ठेके की प्रक्रिया नहीं होती। एक एजेंसी के तहत सारा निर्माण कार्य सहित खरीद-फरोख्त का काम हम करवा रहे हैं। खजुराहो में भास्कर पारके सहित 29 कांटेक्ट वेस के कर्मी कार्य कर रहे हैं। विभाग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि खजुराहो के निर्माण में बड़े पैमाने पर अमानक सामग्री का इस्तेमाल कर गड़बडिय़ां करके शासन की राशि का दुरूपयोग कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है, साथ ही खरीदी गई सामग्री का अधिक भुगतान करके भ्रष्टाचार किया जा रहा है। विभाग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि भोपाल में सीनियर अधिकारियों तक इसका बंदरबांट होता है, जो जांच का विषय है। इस संबंध में जब स्थानीय स्तर पर जानकारी ली जाती है तो गोलमोल जवाब देकर कह दिया जाता है कि भोपाल कार्यालय से जानकारी मिलेगी।भास्कर पारके से जब पूछा गया कि खजुराहो में कांटेक्ट वेस पर भर्ती किसने की तो उन्होंने कहा कि एजेंसी द्वारा हुई लेकिन एजेंसी का नाम पता मैं नहीं बताउंगा इसके लिए भोपाल संपर्क कर लें।
इनका कहना-
आप चिंता न करें, मेरे यहाँ मानक तय हो जाता है फिर किसी की जरूरत नहीं होती, हर काम सही होता है, ये कहाँ लिखा है कि कांटेक्ट वेश के कर्मी जिम्मा नहीं सम्हाल सकते। नियमित कर्मचारी को कहीं और काम पर लगा रखा है।
अशोक मिश्र, संग्रहाध्यक्ष एवं प्रभारी अधिकारी खजुराहो

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