छतरपुर। आज के दौर में जहां लोग अपनी संपत्ति और धन-संपदा बढ़ाने की होड़ में लगे हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो समाज और जनकल्याण के लिए अपनी संपत्ति समर्पित करने का भाव रखते हैं। मंगलवार को कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देशन में आयोजित जिला पंचायत सभाकक्ष में जनसुनवाई में ऐसा ही एक प्रेरणादायी उदाहरण सामने आया, जब 65 वर्षीय गणेश पटेल ने मंदिर निर्माण के लिए अपनी 3 एकड़ जमीन दान करने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया।
सटई तहसील के ग्राम कोडऩ निवासी गणेश पटेल जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ नम: शिवाय अरजरिया के समक्ष पहुंचे और अपनी जमीन मंदिर के लिए दान करने की इच्छा व्यक्त की। उनका यह निर्णय केवल दान की भावना को ही नहीं दर्शाता, बल्कि समाज के प्रति समर्पण और आस्था का भी परिचय देता है।
आवेदक की इस पहल की सराहना करते हुए जिला पंचायत सीईओ नम: शिवाय अरजरिया ने कहा कि आज के समय में अधिकांश लोग धन और संपत्ति अर्जित करने में लगे रहते हैं। ऐसे में अपनी 3 एकड़ जमीन मंदिर के लिए दान करने की इच्छा रखना सराहनीय और प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि गणेश पटेल का यह कदम अन्य लोगों को भी समाजहित में आगे आने के लिए प्रेरित करेगा और उनके इस योगदान को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
गणेश पटेल का यह कदम जनसुनवाई में चर्चा का विषय बना रहा। उन्होंने अपनी निजी संपत्ति को धार्मिक और सामाजिक उद्देश्य के लिए समर्पित करने की इच्छा जताकर यह संदेश दिया कि सच्ची उदारता संपत्ति जुटाने में नहीं, बल्कि उसका सदुपयोग समाज के हित में करने में है।
जनसुनवाई में सामने आई यह पहल बताती है कि सेवा, आस्था और समाज के प्रति समर्पण की भावना आज भी लोगों के दिलों में जीवित है। इसके साथ ही जिला स्तरीय जनसुनवाई में 126 आवेदनों पर सुनवाई कर संबंधित प्रकरणों के निराकरण के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।










