छतरपुर। शहर को आधुनिक और व्यवस्थित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल देने की योजना एक बार फिर सरकारी प्रक्रिया में उलझी हुई है। वर्ष 2021 से जिस परियोजना को धरातल पर उतारने की कवायद चल रही है, वह करीब पांच साल बाद भी कागजी औपचारिकताओं से आगे नहीं बढ़ सकी है। स्थिति यह है कि अभी तक परियोजना की पीपीआर को ही शासन स्तर से स्वीकृति नहीं मिल पाई है। पीपीआर की मंजूरी मिलने के बाद डीपीआर तैयार होगी और उसके बाद ही निर्माण की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
शहर के महोबा रोड के समीप प्रस्तावित आईएसबीटी बस स्टैंड के लिए नगर पालिका को करीब डेढ़ से दो हेक्टेयर जमीन आवंटित की गई है। करोड़ों रुपए की लागत से यहां आधुनिक बस स्टैंड विकसित किया जाना है। परियोजना से जुड़ी प्रक्रिया हाउसिंग बोर्ड विभाग द्वारा की जा रही है। जानकारी के मुताबिक हाउसिंग बोर्ड ने पीपीआर तैयार कर करीब आठ महीने पहले भोपाल भेजी थी, लेकिन इसे अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी।
अब पीपीआर भोपाल भेजे जाने की बात सामने आई है। शासन स्तर से पीपीआर को हरी झंडी मिलने के बाद ही परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार की जाएगी। डीपीआर में बस स्टैंड की ड्राइंग, निर्माण कार्यों, सुविधाओं और लागत सहित अन्य तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
पांच साल से इंतजार, बढ़ती गई परियोजना की लागत
आईएसबीटी बस स्टैंड की कवायद वर्ष 2021 में शुरू हुई थी, लेकिन लगातार देरी के कारण परियोजना अब तक निर्माण के चरण में नहीं पहुंच सकी है। पांच साल के दौरान निर्माण सामग्री और अन्य मदों की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते परियोजना की अनुमानित लागत में करीब 15 करोड़ रुपए की वृद्धि होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में जितनी देर परियोजना की स्वीकृतियों और प्रक्रियाओं में हो रही है, उतना ही इसका वित्तीय बोझ बढऩे की आशंका है।
छतरपुर में बढ़ते यातायात और यात्री दबाव को देखते हुए आधुनिक आईएसबीटी की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। महोबा रोड के समीप बनने वाला प्रस्तावित बस स्टैंड शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के साथ यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। फिलहाल इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भविष्य भोपाल से पीपीआर की स्वीकृति पर टिका है। मंजूरी मिलने के बाद डीपीआर और ड्राइंग तैयार करने सहित आगे की प्रक्रिया शुरू होगी, लेकिन पांच साल से चल रही कवायद को देखते हुए शहरवासियों को आधुनिक बस स्टैंड के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।









