छतरपुर। जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अपनी फरियाद लेकर पहुंचे एक पुलिस कांस्टेबल की अचानक तबीयत बिगड़ गई और उसे मिर्गी का दौरा पड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कांस्टेबल अधिकारियों के कक्ष के बाहर अपनी बारी का इंतजार कर रहा था, तभी उसके सीने में तेज दर्द उठा और वह अचानक जमीन पर गिरकर तड़पने लगा।
घटना के दौरान एसपी कार्यालय में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और अन्य लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि कांस्टेबल के जमीन पर गिरने और तड़पने के बावजूद उसे तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध नहीं कराया गया। काफी देर तक मौजूद लोग और अधिकारी मूकदर्शक बने रहे तथा उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए आवश्यक तत्परता नहीं दिखाई गई।
बताया जा रहा है कि काफी देर बाद अधिकारियों द्वारा स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अचेत अवस्था में कांस्टेबल को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर इलाज में हुई देरी के कारण उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। घटना का वीडियो और जानकारी सामने आने के बाद पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली और आपात स्थिति में संवेदनशीलता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।









