कार्यक्रम में करीब एक हजार छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने निबंध, चित्रकला, रंगोली, स्लोगन लेखन, शायरी तथा नाट्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों पर प्रभावशाली संदेश दिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
एसडीओपी मनमोहन सिंह बघेल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी यदि नशे से दूर रहेगी तो समाज और देश का भविष्य सुरक्षित होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी नशे के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
बमीठा थाना प्रभारी वाल्मीकि चौबे ने विद्यार्थियों को जीवनभर नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। उन्होंने नशा बेचने वालों की सूचना पुलिस तक पहुंचाने और नशे की लत से जूझ रहे लोगों की सहायता एवं उपचार के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन नंबर भी बच्चों को लिखवाए। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि समाज को नशामुक्त बनाने में विद्यार्थियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से नशा मुक्ति की शपथ ली और अपने परिवार व समाज को भी नशे के खिलाफ जागरूक करने का संकल्प लिया। मध्य प्रदेश पुलिस की इस अनूठी पहल की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है।









