बड़ामलहरा। किसानों की खाद की समस्या, भ्रष्टाचार और शराबबंदी की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर हुए हमले के विरोध में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली, पुतला दहन किया और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर सरकार को सात दिन की मोहलत दी। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और फायर ब्रिगेड की कार्रवाई ने माहौल को और गर्म कर दिया।
सोमवार को विधानसभा क्षेत्र बड़ामलहरा में कांग्रेस की एकमात्र विधायिका सुश्री राम सिया भारती, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गगन यादव और तीनों ब्लॉक अध्यक्षों—राजकुमार सिंह चौहान (टिंकू राजा), संजय दुबे (बक्सवाहा), शैलेश जैन (राम टोरिया)—के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और किसानों ने तहसील ग्राउंड से बस स्टैंड तक रैली निकाली। रैली में केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। इंदिरा ज्योति स्तंभ के सामने धरना और पुतला दहन के दौरान नगर परिषद की फायर ब्रिगेड ने पानी की बौछार डालकर भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ताओं ने डटकर मुकाबला किया। तहसीलदार सुश्री रंजना यादव को राजपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। विधायिका राम सिया भारती ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वह उग्र जवाब देंगी। गगन यादव ने जीतू पटवारी पर हमला करने वालों को तुरंत जेल भेजने की मांग की, जबकि टिंकू चौहान ने भ्रष्टाचार और शराबबंदी न होने पर आंदोलन की धमकी दी। कार्यकर्ताओं ने गांवों में शराब बिक्री पर चिंता जताते हुए कहा कि यह युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रही है। प्रदर्शन में धन प्रसाद असाटी, रक्ष्यपाल सिंह यादव, दीपक दुबे, अशोक कुमार शर्मा, राम अवतार यादव, रोहित शर्मा, गजेंद्र सिंह, वीरेंद्र पांडे, संतोष यादव, सौरभ परमार, लाखन सिंह लोधी, संतोष विश्वकर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे। पुलिस की चौकसी के बीच कार्यकर्ताओं ने किसान हित और शराबबंदी के लिए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।








