
छतरपुर। भारत सरकार के निपुण भारत अभियान एवं मध्य प्रदेश शासन के मिशन अंकुर के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को सुदृढ करने के उद्देश्य से जिला शिक्षा केंद्र द्वारा जिले के प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में एफएलएन मेला प्रथम चरण का आयोजन किया गया। एफएलएन मेले की तैयारी के लिए डाइट नौगांव में जिले के समस्त जनशिक्षकों, बीएसी एवं बीआरसीसी का एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था, तत्पश्चात समस्त जनशिक्षकों द्वारा जन शिक्षा केन्द्र स्तर पर सभी प्राथमिक विद्यालयों में अध्यापन कार्य करने वाले शिक्षकों का उन्मुखीकरण किया गया।डीपीसी अरुण शंकर पांडे ने बताया कि कलेक्टर के निर्देशन एवं सीईओ जिला पंचायत के मार्गदर्शन में जिले के समस्त प्राथमिक विद्यालयों में एफएलएन मेले के प्रथम चरण का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य अभिभावकों को स्कूल से और बच्चो के सर्वांगीण विकास से जोडऩा है। समुदाय की सहभागिता के साथ मेले में गतिविधियां आयोजित कर बच्चों को रिपोर्ट कार्ड भी दिए गए। बच्चों एवं पालकों की सहभागिता के साथ पूर्ण मनोयोग से एफएलएन मेला प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में विधिवत संपन्न किया गया। मेले के आयोजन में कक्षा पहली दूसरी के बच्चे एवं अभिभावकों विशेष रूप से माताओं की सहभागिता रही। प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में शाला समय पर मेले का आयोजन किया गया, जिसमें 7 स्टॉल लगाए गए। 5 स्टॉल में बच्चो ने गतिविधियां कीं, जबकि एक-एक स्टॉल पंजीयन एवं फीडबैक के लिए रहे। बच्चों के प्रदर्शन को रिपोर्ट कार्ड के आधार पर बच्चों को अभिभावकों के समक्ष सम्मानित किया गया। जिला परियोजना समन्वयक अरुण शंकर पांडेय एपीसी अकादमिक नीरज खरे, एपीसी ई एंड आर सुशील द्विवेदी, निपुण प्रोफेशनल ओमकार हरम, डाइट प्राचार्य आरके वर्मा, डाइट के समस्त अकादमिक सदस्य, समस्त बीआरसीसी, बीएसी एवं जनशिक्षिकों ने मेलों का अवलोकन करते हुए छात्रों का उत्साहवर्धन किया एवं शिक्षकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।इनका कहनाएफएलएन मेला राज्य शिक्षा केन्द्र की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से बच्चों की शारीरिक, मानसिक, भाषा विकास एवं गणितीय विकास आदि क्षमताओं का मूल्यांकन करते हुए कक्षा में ऐसी गतिविधियों को आयोजित करना है, जो स्कूली परिवेश में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक होती है।नीरज खरे, एपीसी, अकादमिक, जिला शिक्षा केन्द्र, छतरपुर







