

फिर एक बार हुई ओलावृष्टि किसानों की थम रही सांसें
छतरपुर। पिछले करीब एक सप्ताह से मौसम में हो रहे परिवर्तन के साथ जिले के अलग-अलग इलाकों में ओलावृष्टि होने के चलते किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। शनिवार की रात एक बार फिर मौसम में अचानक बदलाव हुआ और जिला मुख्यालय सहित जिले के कई स्थानों से बारिश तथा ओलावृष्टि की तस्वीरें सामने आई हैं। बताया गया है कि नौगांव, अलीपुरा, महाराजपुर सहित इस क्षेत्र के दर्जनों गांवों में ओलावृष्टि के कारण फसलें तबाह हुई हैं। वहीं राजनगर क्षेत्र के कुछ गांवों में भी ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है। रविवार को सुबह से दोपहर तक मौसम साफ था लेकिन दोपहर 1 बजे एक बार फिर मौसम बदला तथा जिला मुख्यालय पर करीब आधे घंटे तक बारिश के साथ छोटे-छोटे ओले गिरे।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक शनिवार की शाम नौगांव और आलीपुरा सहित क्षेत्र के करीब 16 गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से किसानों की फसलें चौपट हुई हैं। जबकि महाराजपुर क्षेत्र के पांच गांव ओलावृष्टि की चपेट में आए हैं। नौगांव क्षेत्र के ग्राम आलीपुरा, बड़ागांव, करतौल, टीला, धरमपुरा, करारा गंज, खुर्दखेरा, देवथा, जोरन, चिरवारी, अमा, महेड, इमलिया, परेथा, भदर्रा, पुतरया और पचवारा में ओलावृष्टि हुई है। वहीं हरपालपुर क्षेत्र के लहदरा,गलान, मडोरी, सरसेड़, नौरापहारिया, बोदी, रानीपुरा कैमाहा, कराठा सहित करीब एक दर्जन से अधिक गांवों में खेतों की खड़ी फसल बर्बाद हो गई। यहां करीब आधा घंटे तक 50 से 100 ग्राम तक के ओले गिरने से मटर, सरसों, गेहूं और चना आदि की फसलों को नुकसान हुआ है। वहीं महाराजपुर क्षेत्र के ग्राम टटम, मनकारी, नैगुवां, मझगुवां, फुलारी, बार्रोही, मड़ा पुरवा, मटौंध, नुना और ढिगपुरा में ओलावृष्टि हुई है। उल्लेखनीय है कि चार दिन पहले भी महाराजपुर क्षेत्र के कुछा गांवों में बारिश के साथ ओले गिरे थे। शनिवार की शाम को ही राजनगर क्षेत्र के ग्राम नांद, डहर्रा, गंगायच, कोटा, तिलौंहा और अतर्रा सहित पर्यटन नगरी खजुराहो तथा चंद्रनगर क्षेत्र में भी बारिश तथा ओलावृष्टि हुई है।
राजनगर विधायक ने किसानों को बंधाया ढांढस
ओलावृष्टि के कारण किसानों को हुए व्यापक नुकसान की खबर मिलने के बाद राजनगर विधायक अरविंद पटैरिया ने ओला प्रभावित ग्रामीण अंचलों का दौरा कर किसानों को ढांढस बंधाया और सर्वे करवाकर राहत राशि दिलाने की बात कही। विधायक श्री पटैरिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नांद, डहर्रा और अतर्रा पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों से बात करते हुए स्वयं खेतों में जाकर नुकसान का जायजा लिया और किसानों से चिंता न करने की बात कही। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में किसानों को आश्वस्त किया कि सभी के नुकसान की भरपाई शीघ्र कराई जाएगी।
ओलावृष्टि से तबाह हुए किसानों ने किया चक्काजाम
महाराजपुर क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों में बीती रात हुई ओलावृष्टि के बाद जब सुबह किसान खेतों में गए तो बर्बादी का मंजर देखकर उनकी आंखें नम हो गईं। इसके बाद सैकड़ों पीडि़त किसान अपने परिवारों को लेकर छतरपुर-लवकुशनगर मार्ग पर बैठ गए। किसान प्रशासन से मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर बैठे थे। बाद में जब प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों को उनके नुकसान की भरपाई करने का भरोसा दिलाया तब जाकर किसान सड़क से हटे। इस बीच करीब 3 घंटे तक आवागमन बाधित रहा। किसानों का कहना था कि इस ओलावृष्टि ने उन्हें पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। वहीं दूसरी ओर नौगांव क्षेत्र के किसानों ने नौगांव-महोबा मार्ग पर चक्काजाम कर मुआवजे की मांग रखी। यहां करीब 2 घंटे तक हंगामा चला। बाद में मौके पर पहुंची नौगांव एसडीएम विशा माधवानी ने किसानों से बात की और उन्हें राहत राशि दिलाने का भरोसा दिलया, तब किसान शांत हुए।
काल के गाल में समाए राष्ट्रीय पक्षी
जिले का राजनगर क्षेत्र पन्ना टाईगर रिजर्व से जुड़ा हुआ है, जिसके चलते यहां बड़ी संख्या में राष्ट्रीय पक्षी मोर पाए जाते हैं। बीती रात हुई तेज ओलावृष्टि के कारण इस क्षेत्र में कई राष्ट्रीय पक्षियों की मौत हुई है। बताया गया है कि सुबह जब मृत अवस्था में राष्ट्रीय पक्षी पड़े मिले तो ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी सूचना दी। राजनगर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नांद निवासी नीतेश यादव ने बताया कि गांव के एक किसान के खेत में राष्ट्रीय पक्षी मोर का शव पड़ा मिला था, जिसकी सूचना उनके द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई। हालांकि सूचना दिए जाने के बाद कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।








