छतरपुर। जिले के राजनगर थाना अंतर्गत ग्राम बम्हौरी बहादुर जू में घर में घुसकर धारदार हथियारों और लोहे के डंडों से किए गए खूनी हमले के मामले में स्थानीय थाने की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। थाना स्तर पर कोई सुनवाई न होने से आहत पीडि़त परिवार ने अब जिला पुलिस अधीक्षक की शरण ली है और न्याय व सुरक्षा की गुहार लगाई है।
पीडि़त मनोज पाल ने एसपी को सौंपे अपने शिकायती आवेदन में बताया कि बीते 31 अक्टूबर की शाम को गांव के ही मुकेश पाल, कमलेश पाल, नंदी पाल, चंद्रभान पाल और उनके परिवार की महिलाओं ने एकराय होकर उनके घर में जबरन घुसपैठ की। विरोध करने पर आरोपियों ने अभद्र गाली-गलौज करते हुए उन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में आवेदक के पिता हिस्सादी पाल और दो भाई राजकिशोर पाल व नीलेश पाल गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जिनमें से राजकिशोर पाल की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
पीडि़त परिवार का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद राजनगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने न तो अब तक कोई एफआईआर दर्ज की और न ही नामजद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस वैधानिक कार्रवाई की। पुलिस की इस उदासीनता के चलते आरोपी पूरी तरह बेखौफ घूम रहे हैं, जिससे पूरा पीडि़त परिवार दहशत और भय के साये में जीने को मजबूर है। पीडि़त ने एसपी से मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने, आरोपियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई करने तथा परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की पुरजोर मांग की है।










