छतरपुर। झांसी-मऊरानीपुर मार्ग स्थित लुहारी टोल प्लाजा पर टोल टैक्स को लेकर भाजपा नेताओं और टोल प्लाजा कर्मचारियों के बीच जमकर विवाद हो गया। शनिवार को हुई इस घटना का वीडियो रविवार को सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें पूर्व सांसद प्रतिनिधि संजू बरसैंया सहित कई भाजपा नेता टोल कर्मचारियों से बहस करते नजर आए। विवाद टोल शुल्क में छूट की मांग को लेकर शुरू हुआ। भाजपा नेताओं का कहना था कि वे केंद्रीय मंत्री एवं टीकमगढ़ सांसद वीरेंद्र कुमार को झांसी रेलवे स्टेशन छोड़कर लौट रहे थे, इसलिए संबंधित वाहन को टोल शुल्क से छूट मिलनी चाहिए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टोल कर्मचारियों ने नियमों का हवाला देते हुए बिना निर्धारित शुल्क लिए वाहन को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। विवाद बढऩे पर भाजपा नेताओं ने केंद्रीय मंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं का हवाला देते हुए पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से फोन पर बातचीत की। इसी दौरान पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
घटना के दौरान वाहन को आगे बढऩे से रोकने के लिए उसकी हवा निकालने की बात भी सामने आई, हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। टोल कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि सभी वाहनों पर एक समान नियम लागू होते हैं और बिना वैध छूट या निर्धारित प्रक्रिया के किसी भी वाहन को टोल शुल्क से मुक्त नहीं किया जा सकता। कर्मचारियों ने किसी भी प्रकार के दबाव या सिफारिश को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
मौके पर भाजपा नेता अप्पू राजा सोनी भी मौजूद थे। वायरल वीडियो में वे फोन पर बातचीत करते हुए और मामले को शांत कराने का प्रयास करते दिखाई दे रहे हैं। काफी देर तक चली बहस और हंगामे के बाद स्थिति सामान्य हुई तथा टोल प्लाजा पर वाहनों की आवाजाही फिर से सुचारू कराई गई। घटना के बाद वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पूरे मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
इस मामले में पूर्व सांसद प्रतिनिधि संजू बरसैंया ने सफाई देते हुए कहा कि वायरल वीडियो शनिवार का नहीं बल्कि करीब 15 दिन पुराना है। उनके अनुसार, जब वे केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार को झांसी रेलवे स्टेशन छोडऩे जा रहे थे, तब टोल कर्मचारियों ने बिना शुल्क वाहन को जाने दिया था, लेकिन लौटते समय उसी वाहन से टोल शुल्क मांगा गया। उन्होंने बताया कि मंत्री के बारे में जानकारी देने के बावजूद जब टोलकर्मी नहीं माने तो कहासुनी हो गई और गुस्से में बहस बढ़ गई। फिलहाल घटना को लेकर किसी प्रकार की आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।









