छतरपुर। मध्य प्रदेश पटवारी संघ ने सोमवार को वेबजीआईएस 2.0 पोर्टल में तकनीकी समस्याओं के कारण हो रही परेशानियों को लेकर जिला प्रशासन के माध्यम से प्रमुख सचिव (राजस्व), मध्यप्रदेश शासन को ज्ञापन भेजा है। पटवारियों का कहना है कि वेबजीआईएस 2.0 पोर्टल की समस्याओं के लिए पटवारियों को दोषी बनाया जा रहा है, जो कि न्यायसंगत नहीं है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो 1 सितंबर से पोर्टल पर होने वाले कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा।
मध्य प्रदेश पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष रामकुमार अवस्थी ने बताया कि पहले पटवारी वेबजीआईएस 1.0 पोर्टल पर राजस्व रिकॉर्ड में संशोधन का काम करते थे, लेकिन हाल ही में लागू किए गए वेबजीआईएस 2.0 पोर्टल में कई तकनीकी खामियां हैं, जिसके कारण राजस्व न्यायालयों के आदेशों का पालन, खसरा आधार ईकेवाईसी सत्यापन, साइबर तहसील नामांतरण जैसे कार्य नहीं हो पा रहे। इससे किसान परेशान हैं और वे गलतफहमी में पटवारियों को जिम्मेदार ठहराते हैं। श्री अवस्थी ने बताया कि गत 12 अगस्त को प्रदेश स्तर पर प्रमुख सचिव को इस बारे में ज्ञापन दिया गया था, जिस पर उन्हें समाधान का आश्वासन मिला था, लेकिन अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, फार्मर रजिस्ट्री में भी तकनीकी दिक्कतों के कारण काम प्रभावित हो रहा है, फिर भी पटवारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। राजस्व न्यायालयों के आदेशों पर अमल, खसरा आधार सत्यापन और अन्य कार्य रुके हुए हैं, जिससे किसानों को परेशानी हो रही है और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतें बढ़ रही हैं। ?उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी पटवारी 1 सितंबर 2025 से वेबजीआईएस 2.0 पोर्टल पर होने वाले कार्यों से विरत रहेंगे, अन्य शासकीय कार्य यथावत जारी रखेंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।










