
बक्स्वाहा। बकस्वाहा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार के नए मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कुछ पंचायतें जनपद के अधिकारी और कर्मचारी स्वयं संचालित करते हैं, जबकि अन्य में सरपंच, सचिव और जनपद के इंजीनियर आपस में मिलकर सरकारी धन का बंटवारा कर रहे हैं। बकस्वाहा जनपद की पंचायतें जैसे बरखेड़ी, गुगवारा, बीरमपुरा, कूषमान, चाचीसेमरा, गढ़ीसेमरा, निवार, दरगुवां आदि में फर्जी बिलों के जरिए धन की बंदरबांट की जा रही है।बरखेड़ी पंचायत भवन निर्माण में अनियमितताएं: जांच अभी तक नहींबरखेड़ी ग्राम पंचायत में पंचायत भवन निर्माण के लिए 37,49,000 की स्वीकृत राशि में से कार्य शुरू होने से पहले ही 4,69,000 का भुगतान जय माता ट्रेडर्स के नाम पर कर दिया गया। यह राशि यूटीआर क्रमांक 4236944674, दिनांक 07/02/2024 को आहरित की गई, जबकि निर्माण स्थल पर इतनी सामग्री मौजूद नहीं थी। इस मामले की अब तक कोई जांच नहीं हुई है।लीज न होने के बावजूद मुरम और पत्थर के फर्जी बिलबकस्वाहा क्षेत्र में मुरम की कोई वैध लीज नहीं है, फिर भी मुरम और पत्थर के बिल लगाए जा रहे हैं। आश्चर्य की बात यह है कि इनकी रॉयल्टी काटी जाती है, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इस खेल में जनपद के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं, जो सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे हैं।जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका पर सवालग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए शासन द्वारा उपयंत्री नियुक्त किए गए हैं, जिनका दायित्व कार्यों का निरीक्षण और सही निर्माण कराना है। लेकिन मौके पर कार्य न होने और अग्रिम भुगतान होने से उपयंत्रियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।जिम्मेदार अधिकारियों की प्रतिक्रियातहसीलदार भरत पांडे ने कहा, हमें जानकारी मिली है। हम जांच कराएंगे और दोषी पाए जाने पर कार्यवाही के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को लिखेंगे।








