
कलेक्टर ने बच्चों की कक्षा लेते हुए पढ़ाई एवं भविष्य से जुड़े टिप्स दिए
छतरपुर। राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशानुसार स्कूल शिक्षा अभियान के तहत बुधवार को भविष्य से भेंट कार्यक्रम अंतर्गत कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने छतरपुर के शासकीय विद्यालय क्र. 1 के 12वीं के छात्रों की कक्षा ली। कलेक्टर श्री जैसवाल ने कक्षा में बच्चों से वार्तालाप कर उनके भविष्य के बारे में, एक्स्ट्रा क्यूरिकुलर एक्टिविटीज एवं अच्छी आदतो के बारे में पूछा साथ ही बच्चों से सवाल जवाब किए जिसमें बच्चों के द्वारा काफी प्रभावशाली उत्तर भी दिए गए। कलेक्टर ने बच्चों से सोशल मीडिया अकाउंट के बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि सोशल मीडिया का सही प्रयोग करें और पढ़ाई में सहयोग के लिए ही करें। उन्होंने कहा कि रात में सोने से 1 घंटे पहले मोबाइल बंद करदे। इससे फोकस की कमी आती है। कलेक्टर ने उदाहरण के रूप में बताते हुए कहा कि संविधान के निर्माण में काफी लोगों का योगदान रहा उस समय सोशल मीडिया भी नहीं था। इसके पश्चात् कलेक्टर ने बच्चों के सामान्य ज्ञान विषय पर प्रश्न किए। जिसमें छतरपुर जिले के यूनेस्को हेरिटेज स्थल, जिले की प्रसिद्ध जगह, प्रसिद्ध मंदिर, सबसे बड़ी एवं प्रमुख नदी, केन बेतवा प्रोजेक्ट आदि के बारे में प्रश्न किए। जिसमें बच्चों के द्वारा उत्तर भी दिए गए। साथ ही बच्चों से स्पोट्र्स के बारे में भी प्रश्न किए एवं बच्चों की स्पोट्र्स में रुचि के बारे में पूछा। जिसमें बच्चों ने फुटबॉल, चेस, क्रिकेट, शतरंज, खो खो, बास्केटबॉल, कबड्डी, बैडमिंटन आदि में अपनी रुचि जाहिर की। इस दौरान छात्रा अंजली ताम्रकार द्वारा सोशल मीडिया के सही प्रयोग के बारे में बताया गया कि वीडियो, रील्स में स्टडी मटेरियल को देखें एवं केन बेतवा प्रोजेक्ट के बारे में बताया कि यह नदी जोड़ो परियोजना है जिससे बहुत सारे गांवों एवं शहरों तक पानी पहुंचेगा। कलेक्टर द्वारा इन प्रश्नों का सही उत्तर देने पर अंजली को स्कैचपेन का पैकेट, कॉपी एवं शील्ड देकर पुरस्कृत किया गया। साथ ही सही जवाब देने वाले अन्य बच्चों को भी पुरस्कृत किया गया।
न्यूज पेपर पढऩे की आदत डालें, बच्चों को मिला टास्क
कलेक्टर ने बच्चों को एक्स्ट्रा क्यूरिकुलर एक्टिविटीज में 1 हॉबी विकसित करने के लिए भी कहा और कहा कि पढ़ाई के साथ प्रतिदिन न्यूज पेपर अध्ययन की आदत डालें एवं सोशल मीडिया वेबसाइट इंस्टा, ट्विटर, फेसबुक का सही इस्तेमाल करें। कलेक्टर ने बच्चों को परंपरागत तरीके से पढ़ाई करने पर जोर दिया। जिसमें किताबों को पढऩा, पेन से पेपर पर लिखना, नोट बनाना आदि को करने के लिए कहा। अंत में कलेक्टर ने बच्चों को एक टास्क भी दिया जिसमें 30 दिनों तक शुरुआत में सभी बच्चे प्रतिदिन के अखबार की हेडलाइन लिखकर टीचर को चेक कराएंगे।







