
कलेक्टर के आदेश की विभाग उड़ा रहा धज्जियां, प्रशासन मौन?
छतरपुर। चन्द्रपुरा औद्योगिक क्षेत्र में नगर तथा ग्राम निवेश से स्वीकृत नक्शे में छेड़छाड़ कर प्लाटों के हस्तांतरण, सड़कों में बदलाव एवं कई प्लाटों में हाईकोर्ट से स्थगन के बाद अवैध निर्माण के मामले की शिकायत की गई थी। इस गंभीर शिकायत की समाचार पत्रों में सुर्खियां बनी रहीं। इसके बाद कलेक्टर ने एक जांच कमेटी 9 माह पूर्व गठित की थी लेकिन जांच रिपोर्ट अभी तक प्रस्तुत नहीं हुई जिससे कलेक्टर के आदेशों की धज्जियां उड़ रही हैं।
गौरतलब है कि कलेक्टर के आदेश पर अपर कलेक्टर कोर्ट ने प्रकरण क्रमांक 0057/बी-121/वर्ष 2023 राजेन्द्र तिवारी बगैरह बनाम मप्र शासन द्वारा चन्द्रपुरा औद्योगिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार को लेकर एक कमेटी बनाई गई जिसमें अपर कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी एवं कोषालय अधिकारी शामिल हैं। अपर कलेक्टर कोर्ट में प्रकरण के दौरान शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज हुए तथा कोर्ट में दस्तावेज एवं साक्ष्य उपलब्ध कराए गए। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने उद्योग विभाग का रिकार्ड भी जब्त किया तथा मौके पर निरीक्षण किया जिसमें नाम मात्र की पांच इकाईयां मौके पर काम कर रही थीं। बाकी उद्योग कागजों में चल रहे थे। लेकिन महाप्रबंधक आशुतोष गुप्ता एवं प्रबंधक श्रीप्रकाश मिश्रा ने अपने राजनैतिक संरक्षण का इस्तेमाल कर जांच रूकवा दी तथा औद्योगिक क्षेत्र चन्द्रपुरा में हस्तांतरण का खेल शुरू कर दिया। हस्तांतरण से जुड़ी लिंक फाइलों के दस्तावेज गायब कर दिए। इन भ्रष्ट अधिकारियों ने लंबा फीलगुड कर पूंजीपतियों को प्लाट उपलब्ध कराकर चन्द्रपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 9 माह में यहां के स्वरूप को बदल दिया। जबकि शिकायतकर्ताओं ने शिकायत के पूर्व और 9 माह में जब भी किसी इकाई द्वारा निर्माण किया गया उसकी विधिवत शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों को सप्रमाण भेजी। लेकिन इस पूरे मामले की जांच न होना चिंताजनक है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भ्रष्टाचार समाप्त करने की बात कर रहे हैं लेकिन छतरपुर उद्योग विभाग में महाप्रबंधक आशुतोष गुप्ता एवं प्रबंधक श्रीप्रकाश मिश्रा द्वारा मप्र शासन के नियमों की धज्जियां उड़ाकर खुलेआम भ्रष्टाचार किया जा रहा है। गत रोज एक प्लाटधारी का मौके पर अवैध निर्माण सड़क पर किया जा रहा है और पूरा उद्योग विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। इस संबंध में शिकायतकर्ताओं ने अपर कलेक्टर मिलिंद नागदेवे को शिकायत कर उपरोक्त जांच में क्या हुआ इसकी जानकारी चाही तो उन्होंने कहा कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है क्योंकि मेरी पोस्टिंग एक माह पूर्व हुई है। इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि अधिकारी दोषी हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की अनुशंसा की जाएगी।







