
कृषि उपज मण्डी की परेशानियों से नहीं आ रहे किसान
छतरपुर। स्थानीय कृषि उपज मण्डी की समस्याओं के कारण किसानों का मोहभंग हो रहा है। व्यापारी और किसान समस्याओं से जूझने को मजबूर हैं। विभिन्न स्तरों में शिकायत की गई फिर भी व्यवस्थाएं नहीं सुधरीं।
स्थानीय कृषि उपज मण्डी के व्यापारियों का कहना है कि आवारा जानवरों के कारण किसान मण्डी में अनाज बेचने नहीं आ रहे। गल्ला व्यापारी अंकित अग्रवाल ने बताया कि आवारा जानवर किसानों की अनाज से भरी बोरियां काटकर अनाज खाने लगते हैं। यदि किसान किसी कार्य से दाएं-बाएं हो जाता है तो उसके अनाज पर आवारा जानवर टूट पड़ते हैं। चूंकि मण्डी में पानी की भी विकराल समस्या बनी है इसलिए किसान और व्यापारी बेहद परेशान हैं। लाइट की समुचित व्यवस्था नहीं है। शाम 7 बजे अंधेरा होने लगता है। यदि कोई किसान अपनी फसल की तौल के लिए मण्डी में रात गुजारता है तो उसे पानी, अंधेरा सहित अन्य अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं के बारे में एक अन्य व्यापारी भोले पिपरसानियां व अमित अग्रवाल ने प्रशासन का ध्यान खींचा है। अमित ने बताया कि आवारा बैल आपस में लड़-झगड़कर व्यापारियों और किसानों को चोटिल कर देते हैं। इतना ही नहीं उनके द्वारा फसल को भी नुकसान पहुंचाया जाता है। व्यापारियों ने बताया कि सचिव को लिखित शिकायत देने के साथ ही मुख्यमंत्री शिकायत निवारण 181 में भी शिकायत दर्ज कराई मगर कोई कारगर हल नहीं निकल सका है।
5 दिन से एक दाने की नहीं हुई खरीद
29 मार्च से जिले के 80 गेहूं खरीदी केन्द्रों के माध्यम से गेहूं की खरीद की जानी थी लेकिन 5 दिन गुजरने के बाद भी किसी भी खरीदी केन्द्र में गेहूं की खरीद नहीं हुई है। सरकार ने 125 रूपए बोनस और 2275 रूपए गेहूं का समर्थन मूल्य घोषित किया है इसके बाद भी किसान की गेहूं खरीदी केन्द्रों में जाने की अभी रूचि नहीं दिखायी दे रही। किसानों का कहना है कि वे अभी मौसम को ध्यान में रखते हुए खेतों में खड़ी फसल को घर पहुंचाने पर ध्यान दे रहे हैं। इसके बाद फसल की बिक्री पर विचार किया जाएगा।








