Home छतरपुर मारपीट कर हत्या करने वाले आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा

मारपीट कर हत्या करने वाले आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा

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छतरपुर। लाठी डण्डो से मारपीट कर हत्या करने के मामले में षष्टम अपर सत्र न्यायाधीश, जिला छतरपुर नरेश मेहरबान सिंह मीणा के न्यायालय ने आरोपीगण को आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया है।अभियोजन कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार फरियादी मुकेश यादब पिता घासीराम यादव उम्र 18 साल निवासी कस्वा गढ़ीमलहरा ने दिनाक 15/11/20 को रात्रि में 03.00 बजे जिला अस्पताल छतरपुर में देहाती नालसी लेख कराई कि दिनाक 14.11.20 को भैसे घर नहीं आई थी तो चाचा मुन्नालाल यादव, चचेरा भाई बबलू यादव व भाई भूरा उर्फ रामकुमार यादव भैसों को ढूंढने के लिये मौन पहाडिया हार गढ़ीमलहरा तरफ गये थे। रात्रि करीब 9.00 बजे भूरा का फोन घर पर आया व बताया कि मुत्रालाल व बबलू को गढीमलहरा के त्रिलोक यादव, रघुनाथ यादव ,जयहिंद यादव ,गुलाब यादव, नरेन्द्र पाल व दे्वेन्द्र पाल ने जान से मारने की नियत से लाठी से मारपीट की है, मुन्ना व बबलू को सिर में व पूरे शरीर में मारा है वे जमीन में पड़े है, मैं पास में छाडियों में छिपा हुआ हूँ तो फिर एक मोटर सायकल से मै व कल्लू उर्फ कमलेश एवं दूसरी मोटरसायकल से सन्तोष व गोबिद गये थे जैसे ही हमलोग पास पहुंचे तो रघुनाथ, जयहिंद, त्रिलोक सिंह, गुलाब सिंह, नरेन्द्र पाल व दे्वेन्द पाल लाठी डण्डा लिये खडे थे। जयसिंह, नरेन्द्र पाल व देवेन्द्र पाल ने कमलेश के सिर में व शरीर में लाठी मारकर जान से मारने की नियत से जमीन पर गिरा दिया फिर रघुनाथ, त्रिलोक ने गोविद के सिर में लाठी मारी जिससे गोबिद जमीन में गिर गया, गुलाब ने संतोष को हाथ में लाठी भारी फिर भी मैं वहा से भाग गया व झाडियो में छिप गया, इसके बाद त्रिलोक लोग सभी वहा से चले गये व बोलते गये कि आज जो भी मिलेगा उसे जान से मार देना है। इसके बाद हम लोगो घायलो को जिला अस्पताल छतरपुर लाये, अस्पताल में इलाज दौरान मुन्नालाल यादव की मृत्यु हो गई है। फरियादी की रिपोर्ट पर धारा 147,149,294,323,307,302 भादवि का अपराध पंजीबद्ध किया गया। संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियुक्तगण के विरूद्ध अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में पेश किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये प्रकरण को चिन्हित जघन्य सनसनीखेज अपराध की श्रेणी में रखा गया। प्रकरण के अनुसंधान में निरीक्षक ब्रजेन्द्र चचोदिया एवं उप0 निरीक्षक रवि उपाध्याय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।अभियोजन की ओर से डीपीओ प्रवेश अहिरवार ने पैरवी करते हुये मामले के सभी सबूत एवं गबाह कोर्ट में पेश किये, विचारण उपरांत षष्टम अपर सत्र न्यायाधीश, जिला छतरपुर श्री नरेश मेहरबान सिंह मीणा के न्यायालय ने आरोपी नरेन्द्रपाल, देवेन्द्रपाल, रघुनाथ यादव एव जयसिंह को धारा 307 भादवि में 07-07 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 2500-2500 रूपये के अर्थदण्ड तथा धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास और 10000-10000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

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