उधारी चुकाने के लिए दुकानदारों का बढ़ रहा दबाव
छतरपुर। पिछले कई माह से अतिथि शिक्षकों का मानदेय नहीं दिया गया। महीनों से मानदेय न मिलने के कारण अतिथि शिक्षक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उधार लेकर घर-परिवार का भरण-पोषण करने वाले अतिथि शिक्षकों पर उधारी चुकाने का दबाव बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में अतिथि शिक्षकों के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है।ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे अतिथि शिक्षक मानदेय न मिलने से आर्थिक संकट से गुजरने को मजबूर हैं। अतिथि शिक्षकों ने बताया कि जुलाई के बाद से उन्हें मानदेय नहीं मिला। शिक्षण सत्र अंतिम चरण में चल रहा है। मगर अतिथि शिक्षक भुगतान को तरसने को मजबूर हैं। अतिथि शिक्षकों ने बताया कि विद्यालयों में सेवाएं देने के कारण वे अन्य किसी कार्य में भी संलग्र नहीं हो सकते इसलिए परिवार का भरण-पोषण करने का अन्य कोई साधन भी नहीं बन सका। ऐसी परिस्थिति में परिवार का भरण-पोषण मुश्किलों में पड़ गया है। अतिथि शिक्षकों ने बताया कि किराना दुकानदार, दूध बेचने वाले जैसे लोगों का पैसे के लिए दबाव बन रहा है। कई महीनों से उधारी में सामान लेकर जैसे-तैसे घर गृहस्थी चला रहे हैं मगर अब उधार देने वालों का धैर्य टूट रहा है। परिणामस्वरूप अतिथि शिक्षक आर्थिक परेशानियों से घिरता चला जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी लिए जाने पर ऊपर से बजट न हासिल होने की बात सामने आ रही है। अखबार के माध्यम से अतिथि शिक्षकों ने शासन-प्रशासन से मानदेय दिलाने की गुहार लगाई है।









