
पुलिस ने युवक और उसके साथियों को पकड़कर दी समझाइश, सुलझा मामला
छतरपुर। जिला अस्पताल में पदस्थ नर्स ने उस वक्त शोर मचाकर सनसनी फैला दी जब वह बीती रात अपनी ड्यूटी पर जा रही थी। युवती के मुताबिक एक युवक अपने दो अन्य साथियों के साथ उसका अपहरण कर ले जाने का प्रयास कर रहा था। युवती के शोर मचाने के कारण आसपास इकट्ठा हुए लोगों ने युवक और उसके साथ मौजूद एक अन्य युवक व युवती को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मामले की विवेचना की तो युवती का पति ही कथित अपहरणकर्ता निकला। हालांकि बाद में पुलिस की समझाइश पर मामला शांत हो गया और युवती अपने पति के साथ थाने से चली गई। मूल रूप से बालाघाट की रहने वाली नीलम श्रीवास ने बताया कि वह जिला अस्पताल में नर्स के रूप में अपनी सेवाएं देती है। बीती रात करीब सवा 8 बजे महल रोड स्थित अपने किराए के मकान से पैदल अस्पताल ड्यूटी करने जा रही थी तभी कार में आए बालाघाट निवासी अमित भारद्वाज अपने एक युवक और युवती के साथ उसका मुंह बंद कर अपहरण करने का प्रयास किया। युवती के मुताबिक जबरन कार में बैठाने की कोशिश के दौरान उसने शोर मचा दिया जिससे आसपास के लोगों ने उसे बचा लिया। कार में आए लोगों को कोतवाली पुलिस को सौंप दिया गया। उधर पुलिस अधीक्षक अमित सांघी का कहना है कि इस मामले की जांच की गई तो ज्ञात हुआ कि अमित भारद्वाज का नीलम श्रीवास के साथ पूर्व में विवाह हो चुका है आपस में अनबन होने के कारण एक साथ नहीं रहते। प्रथम दृष्टया मामला पति-पत्नि के विवाद का सामने आया है। दोनों को समझाइश दी गई है अपहरण जैसी कोई घटना नहीं हुई। समझाइश के बाद दोनों चले गए।









