छतरपुर। दीपावली के मद्देनजर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए कलेक्टर मृणाल मीना ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को टीएल बैठक में सख्त निर्देश दिए हैं। टीएल बैठक में खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच, प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट और न्यायालयीन कार्रवाई की समीक्षा के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष तिवारी के कथन पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की जांच और कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में कलेक्टर ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से पूछा कि प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए खाद्य नमूनों में कितने अमानक और कितने असुरक्षित पाए गए हैं। ऐसे प्रकरणों में न्यायालय द्वारा कितने मामलों में सजा सुनाई गई है और कितने मामलों में अन्य कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि असुरक्षित खाद्य पदार्थों के नमूने सामने आए हैं, तो संबंधित प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
एफएसओ ने बताया, प्रयोगशाला से आती है सब-स्टैंडर्ड की रिपोर्ट, अन सेफ़ की नहीं
समीक्षा के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष तिवारी ने बताया कि प्रयोगशाला से खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच रिपोर्ट सब-स्टैंडर्ड यानी निर्धारित मानकों से कम गुणवत्ता की प्राप्त होती है, जबकि अनसेफ यानी असुरक्षित श्रेणी के खाद्य पदार्थों की रिपोर्ट नहीं आती है। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए खाद्य नमूनों की जांच और कार्रवाई में गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच प्रभावी ढंग से की जाए तथा असुरक्षित खाद्य पदार्थों से संबंधित वास्तविक प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
नकली गुटखा बनाने-बेचने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
कलेक्टर ने अवैध रूप से नकली गुटखा बनाने और बेचने वालों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिना वैध एवं सक्रिय लाइसेंस के खाद्य कारोबार संचालित करने और आवश्यक परमिट के बिना इकाइयां चलाने वालों की जांच की जाए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराने तथा लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जाए।
खाद्य पदार्थों में गड़बड़ी की सूचना दें
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं। नागरिक अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री, मिलावट और बिना लाइसेंस संचालित प्रतिष्ठानों के संबंध में संबंधित अधिकारियों को सूचना दे सकते हैं।










