छतरपुर। जिले के ग्राम सिमराढा निवासी बासुदेव कुशवाहा ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती आवेदन सौंपकर राजनगर थाना पुलिस और एएसआई शमी मुलहक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके वाहन को बिना किसी दुर्घटना के जब्त कर लिया गया और झूठा दुर्घटना प्रकरण दर्ज करने का प्रयास किया गया।
शिकायत के अनुसार, 11 मई 2026 को राजनगर थाने से फोन कर उसे बताया गया कि उसके वाहन से सड़क दुर्घटना हुई है। सूचना मिलने पर वह थाने पहुंचा, जहां वाहन की जांच की गई, लेकिन उसमें किसी प्रकार की टूट-फूट या दुर्घटना के निशान नहीं मिले। इसके बावजूद पुलिस ने बाद में वाहन को जब्त कर लिया और दुर्घटना का मामला दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी।
बासुदेव कुशवाहा का आरोप है कि पुलिस ने वाहन का सीसीटीवी फुटेज भी प्राप्त किया, जिसमें वाहन सुबह 6:29 बजे ग्राम चिरैया के पास से गुजरता हुआ दिखाई देता है। उनका कहना है कि जिस स्थान पर दुर्घटना होने की बात कही जा रही है, वहां से पुलिस को क्षतिग्रस्त सामान मिला था, लेकिन उनके वाहन पर दुर्घटना के कोई भी निशान मौजूद नहीं हैं, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े होते हैं।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि 21 जुलाई 2026 को वाहन जब्त करने के दौरान पुलिस ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की तथा उसके भाई को थाने में बंद कराने की धमकी दी। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
22 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रस्तुत इस शिकायत पर फिलहाल पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।









