बकस्वाहा। जनपद पंचायत परिसर के आजीविका मिशन सभागार में मंगलवार को आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीणों की उम्मीदों का केंद्र बना रहा। कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अनुपस्थिति में अपर कलेक्टर मिलेन्द्र नागदेवे ने शिविर की कमान संभाली और सुबह 10:30 बजे से दोपहर बाद तक लगातार ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। शिविर में 140 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष को संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देशों के साथ सौंपा गया।
शिविर में ग्रामीणों की सुविधा के लिए विभागवार स्टॉल लगाए गए, जिससे आवेदकों को अपनी समस्याएं सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में आसानी हुई। विशेष रूप से वृद्ध और विकलांगों के लिए ट्राइसाइकिल की व्यवस्था की गई थी। दो विकलांग व्यक्तियों को मौके पर ही साइकिल प्रदान की गई, और अपर कलेक्टर मिलेन्द्र नागदेवे ने स्वयं उन्हें साइकिल पर बिठाकर रवाना किया, जिसे देखकर ग्रामीणों ने उनकी संवेदनशीलता की सराहना की। एक भावुक क्षण तब आया जब ग्राम पंचायत गढ़ोई का एक विकलांग युवक लाठी टेकते हुए गिर पड़ा और अपनी वन विभाग से संबंधित समस्या बताई। नागदेवे ने तत्काल अधिकारियों को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। अपर कलेक्टर मिलेन्द्र नागदेवे ने कहा, कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार अब ब्लॉक स्तर पर जनसुनवाई शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीणों को जिला मुख्यालय तक न जाना पड़े और उनकी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि कम भीड़ के बावजूद शिविरों का नियमित आयोजन होगा, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ेगा और भागीदारी बढ़ेगी।
शिविर में उपस्थित ग्रामीण रामनाथ, अशोक, आशावाई और आरती ने बताया कि कम भीड़ के कारण उन्हें अधिकारियों तक सीधे पहुंचने का मौका मिला। उन्होंने कहा, अपर कलेक्टर साहब ने हमारी समस्याओं को गंभीरता से सुना और तत्काल निराकरण किया। इससे हमें भरोसा हुआ कि प्रशासन वास्तव में हमारी परेशानियों को हल करना चाहता है। शिविर में एसडीएम, तहसीलदार, सीएमओ, सीईओ, बीईओ, वीआरसीसी, वीएमओ, एमपीईवी, महिला एवं बाल विकास, पुलिस, वन विभाग, विद्युत मंडल सहित सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे और शिकायतों का समाधान करते रहे। यह शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और उम्मीद का प्रतीक बना।









