
आनंदम सहयोगी प्रशिक्षण के फीडबैक से संतुष्ट हुए पुलिस अधीक्षक
छतरपुर। आनंद विभाग के इस प्रशिक्षण से पुलिस बल को अपने अंदर की अच्छाइयों को रिफ्रेश करने तथा नई ऊर्जा के साथ काम करने की ताकत मिली है, यह निश्चित ही सराहनीय पहल है। इस शिविर के प्रतिभागियों को अपने साथी पुलिस कर्मचारियों से अगले सत्रों में सम्मिलित होने के लिए जरूर आग्रह करना चाहिए, यह उद्गार पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने नौगांव के क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्र में आनंद विभाग के सीईओ आशीष कुमार द्वारा आयोजित किए गए आनंदम सहयोगी मूलभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागियों से फीडबैक सुनने के बाद व्यक्त किये, इस मौके पर अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अमित मेश्राम आनंद विभाग से सागर संभाग के समन्वयक लखन लाल असाटी,मास्टर ट्रेनर श्रीमती आशा असाटी, रामकेश तेकाम,नितिन बबेले एवं अजीत महतो उपस्थित थे।तीन दिन का प्रशिक्षण लेने के बाद सहायक उप निरीक्षक श्रीमती रानी भारती,प्रधान आरक्षक प्रसन्न कुमार अहिरवार, आरक्षक यादवेंद्र यादव, महेंद्र जाटव, यशवंत पटेल ने पुलिस अधीक्षक को अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यहां बेईमानी और ईमानदारी का अंतर समझ में आया है, रिश्तो में ईमानदारी ना होने से खुद पर बोझ दिखाई दिया है, बहुत हद तक तनाव दूर करने में मदद मिली है, खुद के अंदर झूठ चोरी और नफरत देख पाए हैं, परिवार और रिश्तो को देख पाया हूं।यह ट्रेनिंग नहीं साधना हैएसपी सर से शिकायत की अब जरूरत नहींप्रधान आरक्षक प्रसन्न कुमार अहिरवार ने कहा कि यह ट्रेनिंग नहीं साधना है, जिसके लिए आनंद विभाग का ऋणी हूं, वह अब क्रोध नहीं करेंगे लालच का त्याग करेंगे,परिवार में रिश्ते ठीक करूंगा, समाज में उन्नति के लिए और अधिक मेहनत करूंगा, गढ़ीमलहरा में पदस्थ एक आरक्षक ने तो यहां तक कहा कि जब उन्हें जबरिया इस ट्रेनिंग में भेजा जा रहा था तो उन्होंने तय कर लिया था कि बुधवार को ट्रेनिंग समाप्त होने के अगले दिन गुरुवार को वह छतरपुर जाकर एसपी सर से (आपसे) अपने एचसीएम की शिकायत करेंगे कि वह उन्हें कहीं ना कहीं भेज देते हैं, पर इस ट्रेनिंग के बाद अब वह अपने एचसीएम को धन्यवाद देना चाहेंगे कि उन्होंने एक नेक काम के लिए उनका चयन किया, यादवेंद्र यादव ने कहा कि उनका तो अब नजरिया ही बदल गया है।एसपी ने खुशहाल जीवन के लिए दिए कुछ टिप्सपुलिस अधीक्षक अगम जैन ने कहा कि हमारा जीना ठीक ठीक नहीं होने से पूरा परिवार परेशान होता है, इसलिए जरूरी है खुद का भी ध्यान रखें और परिवार का भी, अच्छा खाएं – अच्छा सोचें,अच्छे लोगों के साथ उठे बैठे और अच्छे काम करें, उन्होंने कहा कि लगातार ड्यूटी हमारी नौकरी का हिस्सा है, नौकरी की कठिनाइयों में हम आनंदपूर्वक जीने की जरूरी चीजें भूल गए हैं, शांत रहकर अपने नजरियों को बड़ा करना है, पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करना है, हमारा व्यवहार दूसरों को संतुष्ट कर सके, समस्याओं का समाधान कर सके, लखन लाल असाटी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया, गुरुवार 27 मार्च से पुलिस विभाग के लिए ही आनंद विभाग का दूसरा आवासीय प्रशिक्षण प्रारंभ होगा, पुलिस अधीक्षक ने सभी 40 नामांकित प्रतिभागियों को इसमें सम्मिलित होने का निर्देश दिया।









