Home छतरपुर परिसीमन के मुद्दे ने पकड़ा तूल, सप्ताह में दोबारा हुआ प्रदर्शन

परिसीमन के मुद्दे ने पकड़ा तूल, सप्ताह में दोबारा हुआ प्रदर्शन

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पांच दिन में प्रस्तावित परिसीमन निरस्त न होने पर विशाल आंदोलन की चेतावनी

बकस्‍वाहा।विकासखंड के तमाम जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों और सामाजिक-सांस्कृतिक एवं धार्मिक संगठनों के सदस्यों ने सेकड़ो की संख्या में आज तहसील कार्यालय के सामने एकत्र हुए और प्रशासन द्वारा प्रस्तावित जिले के परिसीमन पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में बकस्‍वाहा क्षेत्र के पटवारी हल्कों को तीन जिलों छतरपुर, सागर और दमोह में विभाजित करने के प्रस्ताव को जनहित के खिलाफ और अनुचित बताया गया।ज्ञापन में बताया गया कि 14 अक्टूबर 2024 को तहसीलदार बकस्‍वाहा द्वारा कलेक्टर महोदय को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार बकस्‍वाहा तहसील के पटवारी हल्कों को तीन जिलों में बांटने का सुझाव दिया गया है। इस प्रस्ताव को लेकर क्षेत्रीय लोगों में गहरा असंतोष और आक्रोश है, क्योंकि इससे बकस्‍वाहा क्षेत्र की एकता और विकास प्रभावित होगा। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यह प्रस्ताव पूरी तरह से जनविरोधी और विकास विरोधी है, जो स्थानीय लोगों की सहमति के बिना तैयार किया गया है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों के सदस्य इस प्रस्ताव का विरोध करते हैं और इसके खिलाफ आवाज उठाते हैं। ज्ञापन में बकस्‍वाहा को एक स्वतंत्र जिला बनाने की भी मांग की गई है। बकस्‍वाहा को जिला बनाने से न केवल क्षेत्र का विकास होगा, बल्कि यहां के लोगों को रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी सुविधाएं भी बेहतर तरीके से मिल सकेंगी। इसके चारों ओर स्थित तहसीलों और ग्राम पंचायतों को भी इस जिले में शामिल करने की अपील की गई है। इस ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि प्रशासन इस प्रस्ताव पर पांच दिवस में कार्रवाई नहीं करता है, तो क्षेत्रवासी आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर हो सकते हैं। चक्का जाम और अन्य संघर्षों के माध्यम से अपनी आवाज उठाई जाएगी। इसके लिए प्रशासन और संबंधित विभाग जिम्मेदार होंगे। अंत में क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से यह निवेदन किया कि इस प्रस्ताव को तुरंत निरस्त किया जाए और बकस्‍वाहा क्षेत्र के सभी पटवारी हल्कों को एक साथ रखा जाए। साथ ही, बकस्‍वाहा को जिला मुख्यालय बनाने की दिशा में शीघ्र कदम उठाए जाएं। ज्ञापन की प्रति मुख्यमंत्री, राज्यपाल, परिसीमन आयोग, कलेक्टर और तहसीलदार को भेजी गई है। इस मौके पर बकस्‍वाहा ब्लॉक के नागरिकों तथा जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।इतिहास और सांस्कृतिक महत्वबकस्‍वाहा क्षेत्र को लेकर ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यह क्षेत्र स्वतंत्रता से पूर्व पन्ना रियासत का महत्वपूर्ण हिस्सा था और यहां का ऐतिहासिक महत्व अत्यधिक है। लंबे समय से प्रशासनिक दृष्टिकोण से कमजोर इस क्षेत्र को यदि फिर से बांटा जाता है, तो इसका विकास और पीछे चला जाएगा।

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