Home छतरपुर देशज समारोह बुन्देली गायन की प्रस्तुति

देशज समारोह बुन्देली गायन की प्रस्तुति

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खजुराहो। मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग द्वारा स्थापित ‘आदिवर्त’ जनजातीय लोककला राज्य संग्रहालय- खजुराहो में प्रत्येक रविवार को नृत्य, नाट्य, गायन एवं वादन पर केन्द्रित समारोह ‘देशज’ का आयोजन किया जाता रहा है। माह नवम्बर 2024 से प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को देशज समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार 17 नवंबर को सायं 06 क्रितेंद्र सिंह सूर्यवंशी एवं साथी, राठ (उ.प्र.) द्वारा बुन्देली संस्कार गीतों की प्रस्तुति दी गई। गतिविधि की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं कलाकारों के स्वागत से की गई। प्रस्तुति के दौरान कलाकारों ने बुन्देली संस्कार गीतों की प्रस्तुति दी। अगली प्रस्तुति सुश्री दिव्या चौहान एवं साथी ग्वालियर द्वारा लांगुरिया नृत्य की प्रस्तुति दी गई। इसी क्रम में अंतिम प्रस्तुती ब्रिजेश घारू एवं साथी, दमोह द्वारा बुन्देली संस्कार गीतों की प्रस्तुति दी गई। लांगुरिया लोकगीत एवं लोकनृत्य राजस्थान के पूर्वी भाग की संस्कृति के प्रमुख अंग हैं। लांगुरिया गीतों के साथ जो नृत्य किए जाते हैं, उन्हें लांगुरिया लोकनृत्य कहा जाता है। राजस्थान में हर देवता के अलग गीत, भजन एवं नृत्य होते हैं। ब्रज क्षेत्र में देवी को प्रसन्न करने के लिए लांगुरिया गाया जाता है। गतिविधि अन्तर्गत दिनांक 23 अक्टूबर 2024 को जीतू सेन एवं साथी बमीठा द्वारा बुन्देली संस्कार गीत, ओम प्रकाश प्रजापति एवं साथी छतरपुर द्वारा बुन्देली संस्कार गीत, आत्मा राम चतुर्वेदी एवं साथी खजुराहो द्वारा बुन्देली लोकगीत की प्रस्तुति दी जायेगी।

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