Home छतरपुर पर्युषण पर्व की समाप्ति पर निकली श्रीजी की भव्य पालकी

पर्युषण पर्व की समाप्ति पर निकली श्रीजी की भव्य पालकी

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डेरापहाड़ी पर हुआ श्रीजी का  अभिषेक पूजन, उपवासियों का सम्मान

छतरपुर। जैन धर्मावलंबियों के आत्म आराधना के दस दिवसीय  पर्युषण पर्व के समापन के बाद  नगर में श्रीजी की पालकी पूरी भव्यता और गरिमा के साथ धूमधाम से निकाली गई। अतिशय क्षेत्र डेरापहाडी जिनालय में श्रीजी का अभिषेक पूजन हुआ। इसके साथ ही क्षमावाणी पर्व मनाया गया।
घरों के सामने की श्री जी की आरती
प्रो सुमति प्रकाश जैन ने बताया कि दस दिवसीय  पर्युषण पर्व की सोल्लास समाप्ति पर 19 सितंबर 24 को श्री जी की पालकी सुबह 8 बजे श्री नेमीनाथ जिनालय से पूरी भव्यता के साथ प्रारंभ  हुई, जो महल तिराहा, छत्रसाल चौक होते हुए अतिशय क्षेत्र डेरा पहाड़ी पहुंची। श्रद्धालुओं ने रास्ते में अपने अपने घरों के सामने चांदी की दो नयनाभिराम पालकियों में विराजे श्री जी की आरती  और वंदन किया। श्री जी की पालकी की शोभायात्रा में सभी श्रद्धालु अपनी अपनी मनोहारी ड्रेस कोड में सम्मिलित थे।पुरुष सफेद कुर्ता धोती, महिलाएं केसरिया, पीली साड़ी एवं युवाजन तथा बालिकाएं अपने मंडलों की निर्धारित पोषाक पहने उमंग और उल्लास के साथ जयकारे लगाते चल रहे थे। शोभा यात्रा में श्रद्धालुजन दोनों पालकियों को बदल बदल कर अपने कंधों पर विराजमान कर आगे बढ़ रहे थे। सबसे आगे श्रद्धालुओं के हाथों में पंचरंगा जैन ध्वज पालकी की शोभा में चार चांद लगा रहे थे।
डेरापहाड़ी पर पालकी का हुआ स्वागत
श्रीजी की पालकी के जय-जय अतिशय क्षेत्र के प्रवेश द्वार पहुंचने पर यहां कलश और दीप लिए खड़ी महिलाओं ने पालकी का भावभीना स्वागत किया।पालकी महोत्सव की प्राचीनता बताते हुए डा सुमति प्रकाश जैन ने बताया कि वर्षो पूर्व भगवान की पालकी बाजार मंदिर से बिना कहार के ही जलबिहार करते हुय डेरा पहाड़ी आया करती थी।यह परंपरा बहुत प्राचीन है।ये हमारी संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।यहां श्री जी का अभिषेक, पूजन और शांतिधारा पूरी धार्मिक प्रभावना के साथ किया गया।
पहले कलश से श्री जी के अभिषेक पूजन आदि का सौभाग्य  नवीन कुमार,  प्रवीण कुमार, चिन्मय तन्मय जैन को मिला। द्वितीय कलश से पूजन का सौभाग्य अरूण जैन, अध्यक्ष जैन समाज परिवार को प्राप्त हुआ। तृतीय कलश से पूजन का सौभाग्य राजीव जैन बरद्वाहा, राकेश जैन बड़े मुन्ना,  बल्लू जैन तथा डा सुरेश बजाज परिवार को मिला। श्री जी की शांतिधारा का सुअवसर चंचल जैन, बोटू परिवार, स्वतंत्र जैन पनोठा, अनुपम जैन मुंबई सहित अनेक परिवारों को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में पर्युषण पर्व के दौरान दसों उपवास के साथ साथ कम उपवास करने वालों तथा संस्कार शिविर में भाग लेने वालों का भावभीना सम्मान किया गया। कार्यक्रम का सरस संचालन वैभव जैन ने किया। समारोह के बाद श्री जी की पालकी डेरापहाड़ी से पुलिस लाइन, महल तिराहा होते हुए  वापस श्री नेमिनाथ जिनालय पहुंच कर संपन्न हुई।
 मनाई गई क्षमावाणी-
इस अवसर पर क्षमावाणी पर्व धूमधाम से मनाया गया। क्षमावाणी पर्व में विगत में हुई भूलों के लिए परस्पर क्षमायाचना की गई, जिससे संबंधों में प्रगाढ़ता और मधुरता को बल मिलता है। रात्रि में अतिशय क्षेत्र डेरा पहाड़ी पर शासकीय सेवारत जैन अधिकारियों तथा कर्मचारियों का भावभीना सम्मान समारोह आयोजित हुआ।
जैन समाज के अध्यक्ष अरूण जैन, उपाध्यक्ष अजय फट्टा, रीतेश जैन, महामंत्री स्वदेश जैन, कोषाध्यक्ष जितेन्द्र जैन, सहमंत्री अजित जैन, डेरा पहाड़ी प्रबंधक आरके जैन एवं समस्त कार्यकारिणी ने पालकी महोत्सव सहित सभी कार्यक्रमों में सहयोग और सहभागिता करने वाले श्रावकों का आभार ज्ञापित किया है।

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