
पत्रकारवार्ता में सीआरसी डायरेक्टर ने जानकारी देकर की अपील
छतरपुर। मंगलवार को छतरपुर की पुरानी तहसील में संचालित सीआरसी कार्यालय में सीआरसी डायरेक्टर डॉ राजमणि पाल ने पत्रकारवार्ता का आयोजन कर विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यालय में दिव्यांगजनों की उपलब्ध सेवाओं की बिंदुवार जानकारी साझा की। उन्होंने मीडिया के माध्यम से अपील की है कि जिले के दिव्यांगजन सीआरसी केन्द्र आकर संचालित योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ लें।सीआरसी डायरेक्टर डॉ राजमणि पाल ने बताया कि पत्रकारवार्ता का उद्देश्य भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग मंत्रालय द्वारा दिव्यांगजनों के लिए चलाई जा रही योजनाओं और सीआरसी केन्द्र पर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी का मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार करना है ताकि अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को इनका लाभ मिल सके। डॉ. पाल ने बताया कि सीआरसी केंद्र पर दिव्यांगजनों को शारीरिक चिकित्सा और पुनर्वास, नैदानिक मनोवैज्ञानिक, श्रवण और वाक उपचार, भौतिक चिकित्सा, व्यवसायिक चिकित्सा, कौशल विकास कार्यक्रम, गृह आधारित कार्यक्रम, सामूहिक चिकित्सा, उन्मुखीकरण एव जागरूकता कार्यक्रम सहायक उपकरण वितरण, अभिभावक जागरुकता कार्यक्रम, विशेष शिक्षा, निरामय स्वास्थ्य बीमा योजना, आधार कार्ड सहित अन्य योजनाओं की जानकारी और प्रशिक्षण दिया जाता है। वर्तमान में छतरपुर के सीआरसी केंद्र पर प्रतिदिन 30 से अधिक दिव्यांग थैरेपी और ट्रेनिंग के लिए पहुंच रहे हैं।वयोश्री योजना के तहत बुजुर्गों के लिए उपलब्ध हैं उपकरणवहीं प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र के इंचार्ज पी एंड ओ अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि दिव्यांगजनों के साथ-साथ केंद्र से वयोश्री योजना के तहत 60 साल से अधिक उम्र के महिला-पुरुषों को विभिन्न प्रकार के उपकरण जैसे कान की मशीन, कमर और घुटनों के पट्टे, व्हील चेयर, छड़ी आदि उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस लाभ के लिए संबंधित हितग्राही की आयु आधार कार्ड के अनुसार 60 वर्ष होना अनिवार्य है इसके साथ आय प्रमाण-पत्र के मुताबिक मासिक आय 14 हजार से कम होनी चाहिए।दिव्यांगजन निरामय स्वास्थ्य बीमा के लिए करें आवेदनसीआरसी के पुनर्वास अधिकारी मुकेश कुमार पटेल ने बताया कि भारत सरकार के नेशनल ट्रस्ट से चार प्रकार (बौद्धिक दिव्यांग, ओटीजम, सेरेब्रल पाल्सी और बहु दिव्यांग) के दिव्यांगजनों को निरामय स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने के निर्देश हैं, जिसके लिए सीआरसी केन्द्र पर आवेदन किया जा सकता है। श्री पटेल ने बताया कि इस योजना के माध्यम से सरकार प्रति वर्ष आवेदक को एक लाख रुपए तक का इलाज नि:शुल्क मुहैया कराती है। हालांकि इस योजना की जानकारी कम लोगों को होने के कारण अभी लोगों को इसका लाभ कम मात्रा में मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि हमारे द्वारा लगातार लोगों को इसकी जानकारी देकर लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।









