
वापस आने पर हिंदू उत्सव समिति ने किया सम्मान
छतरपुर। बिजावर क्षेत्र के ग्राम मोतीगढ़ के रहने वाले 21 वर्षीय युवक ने हिंदू जोड़ो यात्रा की शुरुआत 35 दिन पहले 27 मई को सिद्ध क्षेत्र बागेश्वर धाम से की थी। युवक ने हिंदुओं को जगाने के लिए साइकिल से 35 दिन में 2500 किलोमीटर की यात्रा की। इस यात्रा में वह क्षेत्र भी शामिल है जो बेहद दुर्गम है। बागेश्वर धाम से केदारनाथ और पंच केदार के तुंगनाथ तक साइकिल से जाने वाला यह युवक बुंदेलखंड का पहला युवक बन गया है। यात्रा से वापस आने के बाद हिंदू समिति ने भव्य स्वागत करते हुए स्मृति चिन्ह और शॉल हितकर सम्मानित किया। इतना ही नहीं युवक अपनी यात्रा का विराम जटाशंकर में करना चाहता था इस वजह से समिति के सदस्य उसे छतरपुर की सीमा तक छोडऩे गये जहां से वह जटाशंकर धाम के लिए निकल गया।बागेश्वर धाम से केदारनाथ के लिए 35 दिन पहले साइकिल से निकले दीपेंद्र दीक्षित ने अपनी यात्रा के बारे में बताया कि उसे स्वप्न में केदारनाथ तक पैदल जाने का आभास हुआ था। परिवार से परामर्श किया तो परिवार के सदस्यों ने किसी वाहन से वहां तक जाने की सलाह दी। परिवार की हां होते ही वह साइकिल से केदारनाथ के लिए निकल पड़ा। तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद दीपेंद्र साइकिल से न केवल केदारनाथ जैसे दुर्गम सिद्ध क्षेत्र तक पहुंचा बल्कि साइकिल से ही केदारनाथ के ऊपर स्थित पंच केदार के दर्शन किए। अपनी यात्रा के बारे में दीपेंद्र ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में जब वह साइकिल से जा रहा था तो लोग अचंभा मान रहे थे क्योंकि इस क्षेत्र में पैदल चलना जहां बेहद कठिनाई भरा हो वहां साइकिल से जाना और दुष्कर है। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष पवन मिश्रा ने बताया कि दीपेंद्र दीक्षित के हिंदू जोड़ो यात्रा से वापस आने के बाद श्री राम नाम बैंक में उनका आदमी स्वागत करते हुए सम्मान किया गया उन्होंने कहा कि एक नवयुवक ने नौजवानों को यह संदेश दिया है कि वह एक जुट रहे और अपने सनातन धर्म की ध्वजा को आगे बढ़ाएं। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष के अलावा कमल अवस्थी, सुरेंद्र कौशिक, प्रिंस साहू, अनुजय पाठक, देवेश चतुर्वेदी, पुष्पेंद्र साहू, हिमांशु अग्रवाल, सुमित कौशिक, मोनू रावत, दुर्गेश द्विवेदी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।तबीयत बिगड़ी तो मिला गुरु जी का आशीर्वादकेदारनाथ धाम साइकिल से पहुंचने के दौरान दीपेंद्र का स्वास्थ्य बिगडऩे लगा तभी उसने अपने गुरुजी पूज्य संत गोरीलाल कुंज श्री धाम वृन्दावन के महंत किशोरदास महाराज से वीडियो कॉलिंग कर अपनी व्यथा बताई तभी महाराज श्री ने उसका हौसला बढ़ाया और आशीर्वाद दिया कि वह अपने लक्ष्य में सफल होगा। गुरुजी का आशीर्वाद मिलने से वह और शक्ति के साथ आगे बढ़ा। परिणाम शुरू उसने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया।









