
छतरपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई द्वारा श्री कृष्णा विश्वविद्यालय के सभागार में अंतराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर व्याख्यान माला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसकी मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता प्राची सिंह वन स्टॉप सेंटर प्रशासक छतरपुर, विशिष्ट अतिथि हिमांशु मिश्रा जिला संगठन मंत्री अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय के उपकुलपति गिरीश त्रिपाठी, उपकुलसचिव डॉ. मेघना मिश्रा, श्री अनिरूद्ध सोनी छतरपुर भाग संयोजक, सत्यम विश्वकर्मा प्रांत कार्यकारणी सदस्य तथा कीर्ति चौरसिया अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्रा प्रमुख उपस्थित रहे।मुख्य वक्ता श्रीमती प्राची सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि महिलाओं को अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए शिक्षित होना बहुत आवश्यक है। पुरूष समाज को महिलाओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए जिससे समानता की भावना बलवती हो पाये। वर्तमान समय में जो विसंगतियां उत्पन्न हो रहीं हैं जैसे – भ्रूण हत्या, बाल यौन शोषण, दहेज प्रथा आदि।विश्वविद्यालय के उपकुलपति गिरीश त्रिपाठी ने अपने वक्तव्य में कहा कि हमारे धार्मिक ग्रंथों में वेदों में स्त्री को सर्वो स्थान प्रदान है। आज महिलाऐं आत्म निर्भर बन गई हैं, हर क्षेत्र में वह अपनी भागीदारी कर रहीं हैं। विशिष्ट अतिथि हिमांशु मिश्रा जिला संगठन मंत्री अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अपने वक्तव्य में कहा कि वर्तमान में समाज में विभिन्न विसंगतियां उत्पन्न होने से महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ते जा रहे हैं। सलाहकार डॉ. बी. एस. राजपूत ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज महिलाओं की सोच में बदलाव आया है। लोग अपने घर की बेटियों और बहुओं की शिक्षा के लिए आगे बढ़ रहे हैं। पहले की तुलना में महिलाऐं आज कहीं ज्यादा आत्मनिर्भर और सक्षम हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत पूर्णिमा, निधि, निशा, मानसी, पुष्पेन्द्र, अपर्णा, कमल, दिशा, संजू, साधना और अन्नय ने एकल नृत्य, सामूहिक नृत्य और नाटक के माध्यम से महिलाओं के प्रति होने वाली हिंसा एवं शोषण पर प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के समस्त विभागों के प्राध्यापकगण छात्र-छात्राऐं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन गौरव सिंह परमार ने एवं आभार विकास चौबे ने व्यक्त किया।








