
बकस्वाहा। नगर में बदबूदार और अशुद्ध पेयजल आपूर्ति को लेकर परेशान नागरिकों की शिकायत पर तहसीलदार भरत पांडे ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संयंत्र के पानी में मरी हुई चिडिय़ा मिली है। निरीक्षण के बाद तहसीलदार ने कंपनी के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि पेयजल की शुद्धता और सुरक्षा में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमित सफाई, फिल्ट्रेशन और रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाई जाए।
उल्लेखनीय है कि नगर के 15 वार्डों को इसी संयंत्र से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति होती है, जिसे मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड संचालित करती है। पिछले दिनों नागरिकों ने घरों में बदबूदार पानी आने की शिकायत की थी, जिसके बाद प्रशासन जांच करने पहुंचा था। संयंत्र में मिली मृत चिडिय़ा इस बात की पुष्टि करती है कि जल शुद्धिकरण प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती गई है, जिससे नगरवासियों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं इस मामले में कंपनी के इंजीनियर रामकुमार रैकवार का कहना है कि संयंत्र में पानी को कई स्तरों पर फिल्टर किया जाता है, फिर टंकियों के माध्यम से घरों तक पहुंचाया जाता है।








