
वकस्वाहा। वकस्वाहा के पाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन छोटे मंदिर में चल रहे सिद्ध चक्र महामंडल विधान में बुधवार को विशेष आयोजन किया गया, जिसमें 128 अर्घ चढ़ाए गए। इस अद्भुत धार्मिक आयोजन में नगरवासियों को भव्य भरत चक्रवर्ती की दिग्विजय यात्रा का अनुभव हुआ, जो न केवल एक धार्मिक यात्रा थी, बल्कि आस्था, श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक बन गई।सुबह 7 बजे से नित्य पूजन, अभिषेक और शांति धारा के साथ महा मंडल विधान की शुरुआत हुई। इसके बाद दोपहर 2 बजे से भरत चक्रवर्ती की दिग्विजय यात्रा का प्रारंभ हुआ। इस यात्रा में प्रमुख भूमिका में विनोद कुमार जैन और उनकी पटरानी श्रीमती ज्योति जैन थे। रथ पर सवार होकर दोनों ने नगर की प्रमुख सड़कों से यात्रा की। यात्रा का पहला चरण बैड बाजे, जैन युवा मंच के कार्यकर्ताओं, अष्टकुमारिया, सौधर्म इन्द्र की भूमिका में अखलेश पाटनी, सची इन्द्रणी की भूमिका में अंकिता जैन, कुबेर इन्द्र की भूमिका में श्रीपाल जैन, श्रीमती श्रष्ट्री जैन और अन्य इन्द्र, इन्द्रणी, महिला मंडल एवं समस्त जैन समाज के सदस्य शामिल थे। यात्रा का शुभारंभ नगर पलिका अध्यक्ष किरन सोनी ने भरत चक्रवर्ती, पटरानी और सौ धर्म इन्द्र का स्वागत सम्मान कर कियाभरत चक्रवर्ती की यह यात्रा वकस्वाहा नगर के प्रत्येक मोहल्ले और गली से गुजरी, जहां हर जगह घर-घर रंगोली और फूलों की बारिश से स्वागत किया गया। रथ की शाही सवारी ने नगरवासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यात्रा ने छोटा बाजार, राम नारायण मंदिर, पटवन मोहल्ला, और पुराना बस स्टैंड होते हुए बस स्टैंड तक अपनी धूम मचाई। इस दौरान यात्रा का हर पड़ाव श्रद्धा और भक्ति से ओत-प्रोत था। यात्रा के हर स्थान पर भरत चक्रवर्ती, उनकी पटरानी और अन्य पात्रों का जोरदार स्वागत हुआ।इस धार्मिक आयोजन ने नगर में एक अद्भुत माहौल बना दिया। सिद्ध चक्र महामंडल विधान 28 दिसंबर से 6 जनवरी तक जारी रहेगा, जिसमें नित्य पूजन, बिधान और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन न केवल वकस्वाहा बल्कि पूरे क्षेत्र में धार्मिक चेतना और आस्था का एक नया संदेश दे रहा है, जो लोगों को धर्म और सद्गुणों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे रहा है।








